
अग्निवीरों के आश्रितों को 10 लाख अनुग्रह अनुदान और अनुकंपा पर नौकरी देगी झारखंड सरकार
सरकार ने प्रदेश के 39.44 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बकाया एरियर माफ कर दिया है. यह उपभोक्ता 200 यूनिट तक बिजली माफी योजना का लाभ ले रहे थे.

सरकार ने प्रदेश के 39.44 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बकाया एरियर माफ कर दिया है. यह उपभोक्ता 200 यूनिट तक बिजली माफी योजना का लाभ ले रहे थे.

पुलिस ने बंद कमरे में बुजुर्ग महिला और उसके 15 साल के पोते को बेरहमी से पीटा. महिला पदाधिकारी ने बुजुर्ग दादी को बाल पकड़कर जमीन पर पटका. इतने में भी मन नहीं भरा तो उसे डंडों से पीटा. फिर थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने पोते को डंडों से मारा.

चंपई ने शिबू सोरेन को लिखे पत्र में कहा कि आप के मार्गदर्शन में जिस पार्टी का सपना हम जैसे कार्यकर्ताओं ने देखा था, एवं जिस के लिए हम लोगों ने जंगलों, पहाड़ों एवं गांवों की खाक छानी थी, आज पार्टी अपनी उस दिशा से भटक चुकी है.

झामुमो अब पहले जैसा नहीं रहा. जिस पार्टी को हमने अपने खून-पसीने से सींचा आज उस संगठन का स्वरूप बदल गया है.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि एक अच्छे अफसर के रूप में दो बार मैं उन्हें महेशपुर ले गया, लेकिन अब कभी आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा.

चंपई सोरेन को बीजेपी में शामिल किये जाने पर बिफरे सूरज मंडल. शिवराज, हेमंता, शिबू, हेमंत, बीजेपी-कांग्रेस सबपर बरसे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि चुनाव के बाद हर घर में एक-एक लाख रुपया पहुंचाएंगे.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि अगर चंपई सोरेन की जगह मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया होता तो हेमंत सोरेन के जेल से आते ही मैं इस्तीफा दे देता.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.