हेमंत सोरेन हर घर में पहुंचाएंगे एक-एक लाख रुपये, दुमका में की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि चुनाव के बाद हर घर में एक-एक लाख रुपया पहुंचाएंगे.


दुमका
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ी घोषणा की है. दुमका में उन्होंने कहा है कि चुनाव के बाद हर घर में एक-एक लाख रुपये पहुंचाएंगे.
दुमका के पांजनपहाड़ी गांव में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात कही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि चुनाव के बाद हर घर में एक-एक लाख रुपया पहुंचाएंगे.
कुर्सी संभालते ही चुनौतियों की बाढ़ आ गई
सीएम ने कहा कि हमारे सरकार के कार्यकाल में कई चुनौतियां आई. अभी भी कई चुनौतियां आ रही है. लेकिन हमने 4.5 साल इन चुनौतियों का डटकर सामना किया. आदिवासी-मूलवासी, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के लिए काम किया. 4 साल पहले कई गांव के लोग ब्लॉक ऑफिस, बीडीओ-सीओ नहीं जानते थे. हमने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत बीडीओ-सीओ ही नहीं जिला से लेकर राज्य मुख्यालय के अधिकारियों को गांवों में लोगों की समस्या सुनने उनके दरवाजे पर भेजा, लेकिन हमारे विपक्षी कह रहे हैं कि लोगों को मिला क्या
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केंद्र सरकार नौकरियां छीन रही और ठीकरा हमपर फूटता है
हेमंत ने कहा कि राज्य में 20 सालों तक सिर्फ 15 लाख बुजुर्गों को पेंशन मिला था. हमने 4 साल में 40 लाख लोगों को पेंशन दिया. कहा विपक्ष कहती है हमने नौकरी नहीं दिया, लेकिन नौकरियां छीनने का काम केंद्र सरकार ने किया है. देश में सबसे ज्यादा नौकरियां फौज में होती थी. इस सरकार ने अग्निवीर योजना लाकर युवाओं से नौकरी छीन ली. रेलवे और बैंक में काफी नौकरियां होती थी. उन्हें भी प्राइवेट सेक्टर के हवाले किया जा रहा है. भारत सरकार के सभी उपक्रमों में नौकरियां खत्म हो रही है और सारा ठीकरा राज्य सरकार पर फोड़ा जा रहा है.
हमारा कानून असंवैधानिक और भाजपा का संवैधानिक हो जाता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों को नौकरी देने के लिए हमलोग कानून बनाते हैं और भाजपा के कार्यकर्ता कोर्ट में जाकर उसे चुनौती दे देते हैं. ये हमारे कानून को असंवैधानिक बताते हैं, लेकिन यही कानून जब भाजपा के राज में बनता है तो संवैधानिक हो जाता है. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने संथाल की 7.33 लाख महिलाओं के खाते में 73,29.06,00 रुपये ट्रांसफर किया.

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