दो वरिष्ठ नौकरशाहों की कथित फोन बातचीत वायरल, Babulal Marandi ने उठाए निजता और जासूसी पर सवाल, सुनें Audio
“झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब दो वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच हुई कथित मोबाइल बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.”

Ranchi: झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब दो वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच हुई कथित मोबाइल बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वायरल ऑडियो में राज्य के अधिकारियों, विधायकों, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अफसरों और कुछ पत्रकारों को लेकर चर्चा होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि इस ऑडियो की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.
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बाबूलाल मरांडी की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने इस कथित ऑडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्हें दो शीर्ष नौकरशाहों के बीच हुई फोन बातचीत का ऑडियो प्राप्त हुआ है. हालांकि उन्होंने इसकी सत्यता पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए कई सवाल खड़े किए.
निजता और सुरक्षा पर उठे सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुद्दा केवल बातचीत की सामग्री नहीं है, बल्कि इससे बड़ा सवाल यह है कि यदि सत्ता के शीर्ष पर बैठे अधिकारियों के फोन ही सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर मुख्यमंत्री, सत्ता पक्ष-विपक्ष के नेता, मंत्री, विधायक, नौकरशाह और आम नागरिकों की निजता कितनी सुरक्षित है? उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि क्या राज्य जासूसी के आधार पर चलाया जा रहा है? उनका कहना था कि जब उच्च पदों पर बैठे अधिकारी ही कथित रूप से निगरानी या असुरक्षित संचार के दायरे में हों, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी?
निष्पक्ष जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि भ्रम और आशंकाओं को दूर किया जा सके. फिलहाल राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.

