JSSC CGL सफल अभ्यर्थियों की प्रेस वार्ता: बिना आधार के आरोप लगाकर भविष्य बर्बाद न करें
JSSC CGL परीक्षा में सफल ST अभ्यर्थियों ने रांची में प्रेस वार्ता कर कथित गड़बड़ी और पैसे देकर चयन के आरोपों को खारिज किया. अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद सफलता हासिल की है.

Ranchi: JSSC CGL परीक्षा में सफल ST अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति और भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए प्रेस वार्ता की. अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा में 600 से अधिक ST अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि 20 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन सामान्य श्रेणी में भी हुआ है. सफल अभ्यर्थियों को ASO, BSO, LIO, JC समेत विभिन्न पदों पर नियुक्ति मिली है. अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पैसे देकर चयन होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि कई सफल अभ्यर्थियों ने 8 से 10 वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है. उन्होंने सरकार और आम लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले सभी सफल अभ्यर्थियों को दोषी न माना जाए.
600 से अधिक ST अभ्यर्थी हुए सफल
प्रेस वार्ता में सफल अभ्यर्थियों ने बताया कि JSSC CGL परीक्षा में ST श्रेणी से 600 से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है. इनमें 20 से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनका चयन सामान्य श्रेणी में भी हुआ है. सफल अभ्यर्थियों को ASO, BSO, LIO और JC समेत अलग-अलग पदों पर नियुक्ति मिली है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी सफलता को किसी एक-दो दिन की तैयारी का परिणाम बताना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अधिकांश छात्रों ने लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है और इस दौरान कई तरह की आर्थिक एवं व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना किया. सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत करने के बाद उन्हें यह सफलता मिली है. अभ्यर्थियों ने कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद अब उनके सामने अपने भविष्य और परिवार की उम्मीदों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
8 से 10 साल की मेहनत के बाद मिली सफलता
सफल अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की है. कई अभ्यर्थियों ने करीब 8 से 10 वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की. प्रेस वार्ता में एक अभ्यर्थी ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए बताया कि वह पहले रेलवे और IDBP में नौकरी कर चुका है, लेकिन बेहतर सरकारी सेवा में जाने की इच्छा के कारण लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता रहा. अभ्यर्थियों के मुताबिक इस दौरान उन्हें आर्थिक कठिनाइयों के साथ-साथ कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और JSSC CGL में सफलता हासिल की. उन्होंने कहा कि अब बिना ठोस प्रमाण के परीक्षा में पैसे देकर चयन होने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि ऐसे आरोपों से उनके परिवार भी मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं.
पेपर लीक और पैसे देकर चयन के आरोपों को किया खारिज
सफल ST अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और पैसे देकर चयन होने के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उनका तर्क है कि यदि वास्तव में पेपर लीक हुआ होता या अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तरों की पहले से जानकारी होती, तो ST श्रेणी का कटऑफ काफी अधिक होता. अभ्यर्थियों ने अपने OMR और प्राप्त अंकों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा में उनसे कई प्रश्न गलत भी हुए हैं. उनके अनुसार इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न या उत्तर उपलब्ध नहीं थे. अभ्यर्थियों ने कहा कि किसी भी अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन जांच के नाम पर उन सभी अभ्यर्थियों को संदेह के घेरे में रखना उचित नहीं है, जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा में सफलता हासिल की है.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई नियुक्ति, सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा आदेश
अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति को लेकर न्यायिक प्रक्रिया का भी हवाला दिया. उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी नियुक्तियां हुई हैं और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा. ऐसे में जब नियुक्तियां न्यायालय के आदेश के आधार पर हुई हैं और संबंधित मामलों की जांच एवं कानूनी प्रक्रिया चल रही है, तब सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानना उचित नहीं होगा. अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि किसी स्तर पर वास्तविक अनियमितता सामने आती है तो दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन बिना जांच पूरी हुए परीक्षा या नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला उन छात्रों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की है. उन्होंने सरकार से अपील की कि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाए तथा निर्दोष सफल अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखा जाए.
मीडिया से अपील- बिना पुष्टि के आरोप वाली खबरें न चलाएं
सफल ST अभ्यर्थियों ने मीडिया से भी विशेष अपील की. उन्होंने कहा कि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ बिना पुष्टि और ठोस प्रमाण के पैसे देकर नौकरी पाने या परीक्षा में अनियमितता में शामिल होने जैसी खबरें नहीं चलाई जानी चाहिए. अभ्यर्थियों के मुताबिक ऐसी खबरों का असर केवल संबंधित छात्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके माता-पिता और पूरे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है. उन्होंने कहा कि कई अभ्यर्थियों ने वर्षों की मेहनत के बाद सरकारी नौकरी हासिल की है और अब आरोपों के कारण उनके परिवारों को सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है. अभ्यर्थियों ने मीडिया से निष्पक्षता और तथ्यों की पुष्टि के साथ खबर प्रकाशित करने की अपील की. उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रमाण उपलब्ध हैं तो उसकी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सामूहिक रूप से सभी सफल अभ्यर्थियों को संदेह की नजर से देखना उचित नहीं है.
सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि यदि JSSC CGL परीक्षा में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए. उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानकर उनकी नियुक्ति और भविष्य खत्म नहीं किया जाना चाहिए. अभ्यर्थियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका पर भरोसा रखने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनका कहना है कि जब न्यायालय के आदेश के आधार पर नियुक्तियां हुई हैं और जांच की प्रक्रिया चल रही है, तब जांच पूरी होने से पहले कोई अंतिम फैसला लेना उचित नहीं होगा. प्रेस वार्ता के जरिए अभ्यर्थियों ने सरकार और आम लोगों तक यही संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि वर्षों की मेहनत से JSSC CGL में सफल हुए छात्रों को बिना ठोस प्रमाण के आरोपित न किया जाए और अंतिम निर्णय निष्पक्ष जांच के बाद ही लिया जाए.

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