
कोल्हान के तीर से संथाल भेदने की तैयारी !
चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

शिवराज ने कहा चंपई सोरेन ने झारखंड निर्माण को लेकर बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी और उनका ही प्रयास था कि अटलजी ने झारखंड का निर्माण किया था.

राज्यपाल संतोष गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई. रामदास सोरेन हेमंत सोरेन कैबिनेट में 12वें मंत्री बने हैं.

सरकार ने प्रदेश के 39.44 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बकाया एरियर माफ कर दिया है. यह उपभोक्ता 200 यूनिट तक बिजली माफी योजना का लाभ ले रहे थे.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

मैं विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं. यह भी चाहती हैं की मेरी बेटी भी विधानसभा का चुनाव लड़े. बीजेपी बड़ी पार्टी है. उसका सारा फैसला दिल्ली से होता है. पार्टी जो भी फैसला लेगी हमें मंजूर होगा.

पुलिस ने बंद कमरे में बुजुर्ग महिला और उसके 15 साल के पोते को बेरहमी से पीटा. महिला पदाधिकारी ने बुजुर्ग दादी को बाल पकड़कर जमीन पर पटका. इतने में भी मन नहीं भरा तो उसे डंडों से पीटा. फिर थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने पोते को डंडों से मारा.

चंपई ने शिबू सोरेन को लिखे पत्र में कहा कि आप के मार्गदर्शन में जिस पार्टी का सपना हम जैसे कार्यकर्ताओं ने देखा था, एवं जिस के लिए हम लोगों ने जंगलों, पहाड़ों एवं गांवों की खाक छानी थी, आज पार्टी अपनी उस दिशा से भटक चुकी है.

झामुमो अब पहले जैसा नहीं रहा. जिस पार्टी को हमने अपने खून-पसीने से सींचा आज उस संगठन का स्वरूप बदल गया है.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि एक अच्छे अफसर के रूप में दो बार मैं उन्हें महेशपुर ले गया, लेकिन अब कभी आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा.