
कोल्हान के तीर से संथाल भेदने की तैयारी !
चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

सरकार ने प्रदेश के 39.44 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बकाया एरियर माफ कर दिया है. यह उपभोक्ता 200 यूनिट तक बिजली माफी योजना का लाभ ले रहे थे.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

मैं विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं. यह भी चाहती हैं की मेरी बेटी भी विधानसभा का चुनाव लड़े. बीजेपी बड़ी पार्टी है. उसका सारा फैसला दिल्ली से होता है. पार्टी जो भी फैसला लेगी हमें मंजूर होगा.

चंपई ने शिबू सोरेन को लिखे पत्र में कहा कि आप के मार्गदर्शन में जिस पार्टी का सपना हम जैसे कार्यकर्ताओं ने देखा था, एवं जिस के लिए हम लोगों ने जंगलों, पहाड़ों एवं गांवों की खाक छानी थी, आज पार्टी अपनी उस दिशा से भटक चुकी है.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि एक अच्छे अफसर के रूप में दो बार मैं उन्हें महेशपुर ले गया, लेकिन अब कभी आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.