
ST रिजर्व सीटों के प्रत्याशियों के नाम शॉर्टलिस्ट कर दिल्ली भेजेगी बीजेपी, आज शाम 7 बजे चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक
चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

22 अगस्त से चल रही नियुक्ति दौड़ में अबतक कुल 12 युवाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा अभ्यर्थी बेहोश होकर अस्पतालों में पहुंच चुके हैं. आज रांची के मेदांता में भर्ती पलामू के दीपक पासवान की जान चली गई.

चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

ऐसा लग रहा कि हेमंत सोरेन औरंगजेब जैसा व्यवहार कर रहे हैं. वे विधानसभा चुनाव में करारी हार को देखते हुए पूरी तरह बौखला गए हैं.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

जामताड़ा एसपी अमिनेश नैथानी को गोड्डा का एसपी बनाया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि चुनाव के बाद हर घर में एक-एक लाख रुपया पहुंचाएंगे.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि अगर चंपई सोरेन की जगह मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया होता तो हेमंत सोरेन के जेल से आते ही मैं इस्तीफा दे देता.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि हम चाहते हैं कि हेमंत सोरेन भाजपा में आयें. घुसपैठ पर हेमंत सर्वदलीय बैठक बुलाएं. हम हेमंत सोरेन का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.