
बाबूलाल से नहीं संभल रही बीजेपी, दुमका, देवघर के बाद अब धनबाद में पार्टी की बैठक में मारपीट
विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

हेमंता ने कहा कि सबको बीजेपी में लाना संभव नहीं है. अगर उन्हें बीजेपी में लायेंगे तो बीजेपी के हमारे नेता हमसे नाराज हो जाएंगे.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.

चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का दावा है कि इस मॉड्यूल का सरगना रांची में बैठा मो. इश्तियाक है. एटीएस ने इश्तियाक को रांची के बरियातू से पकड़ा है. वह पेशे से एक रेडियोलॉजिस्ट है. उसका अलकायदा से संबंध है.

छवि रंजन पर मनी लॉन्ड्रिंग और कुछ बिल्डर और भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत का आरोप है. चेशायर होम रोड की 1 एकड़ जमीन गड़बड़ी मामले मे ईडी ने ईसीआईआर 5/ 2023 दर्ज किया है.

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा बदलाव किया है और राजेश ठाकुर को हटाकर केशव महतो कमलेश को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इनकी नियुक्ति की है

दोनों खिलाड़ियों को 3750-3750 वर्ग फीट जमीन का आवंटन होगा.

रांची विधानसभा सीट इस बार भी हॉट सीट होगा. राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है.

हिंडनबर्ग ने आरोपों का एक और पुलिंदा खोल दिया है. एक्स (ट्विटर) पर हिंडनबर्ग ने लिखा है कि रिपोर्ट में आरोप लगाए जाने के बाद सेबी प्रमुख माधवी पूरी बुच और उनके पति ने रविवार को जो बयान दिए हैं, उसमें कई स्वीकारोक्ति शामिल है.

राजेश ठाकुर ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने के इच्छुक सभी नेता आवेदन सहित विस्तृत जानकारी एवं बायोडाटा जमा करें.

बाबूलाल मरांडी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही कांग्रेस में भी किसी आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठ रही थी. कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग पिछड़े वर्ग के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है.