बाबूलाल से नहीं संभल रही बीजेपी, दुमका, देवघर के बाद अब धनबाद में पार्टी की बैठक में मारपीट
विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.


रांची :
धनबाद में बीजेपी का अंदरूनी कलह फिर से खुलकर सामने आ गया है. बीजेपी जिला कार्यालय में बुधवार को प्रत्याशी चयन के दौरान खूब हंगामा हुआ. कार्यकर्ताओं के बीच लात और घूंसे चले. जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रभारी किसलय तिवारी के नेतृत्व में प्रत्याशी चयन को लेकर रायशुमारी चल रही थी. इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने वोटिंग प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इसी दौरान विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई. धनबाद में बीजेपी के अंदर कलह लोकसभा चुनाव के पहले से ही शुरू है. पार्टी कई गुट में बंट चुकी है.
सम्मान समारोह में बाबूलाल के सामने हुआ था हंगामा
इससे पहले जून महीने में भी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के सामने बीजेपी के सम्मान समारोह में हंगामा हुआ था. मंच पर बाबूलाल की मौजूदगी में धनबाद विधायक राज सिन्हा और धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई थी. खूब हो-हल्ला हुआ. कार्यकर्ता आपस में मारपीट करने पर उतारू थे जबकि. किसी तरह मामला शांत हुआ था. इस घटना के बाद भी प्रदेश नेतृत्व की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.
देवघर में सांसद-विधायक समर्थकों में हुई थी झड़प
देवघर में भी जून महीने में बीजेपी की बैठक में मारपीट हो चुकी है. लोकसभा चुनाव के बाद हुई समीक्षा बैठक में देवघर विधायक नारायण दास और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के समर्थकों में झड़प हुई थी. नारायण दास ने आरोप लगाया था कि निशिकांत दुबे के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और गंदी-गंदी गालियां दी. इस घटना के बाद नारायण दास ने पार्टी नेतृत्व से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन न जांच हुई और न कार्रवाई हुआ.
दुमका में भी आ गई थी हाथापाई की नौबत
देवघर से पहले दुमका में भी बीजेपी की बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के सामने कार्यकर्ताओं ने खूब बवाल काटा था. बीजेपी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू और उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय चुनाव में हार की समीक्षा करने पहुंचे थे. इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कुछ नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. हाथापाई तक की नौबत आ गई थी. काफी देर बाद हंगामा शांत हुआ. उसके बाद आदित्य साहू और बाल मुकुंद सहाय ने बंद कमरे में कार्यकर्ताओं से मिल कर सभी से बात कर नाराजगी की वजह जानी और सुझाव भी मांगा.
पार्टी नेता-कार्यकर्ता बाबूलाल के नेतृत्व पर उठा रहे सवाल
बीजेपी की बैठक में हो रही मारपीट की घटनाओं के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर भी सवाल उठ रहे हैं. कार्यकर्ता कह रहे हैं कि बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में प्रदेश में बीजेपी कमजोर हो रही है. अनुशासन खत्म हो रहा है और गुटबाजी बढ़ रही है. ऐसे में बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बीजेपी के चुनाव लड़ने से पार्टी को कई सीटों पर नुकसान होगा.

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