
झारखंड को चील-कौवे की तरह नोच-नोचकर खा रहे सत्ताधारी दल के लोग : शिवराज
शिवराज ने कहा कि इस सरकार ने 5 साल में एक वादा पूरा नहीं किया. 2 हजार रुपए चूल्हा खर्च देने का वादा किया था. अब चुनाव के समय केवल 1 हजार रुपए पकड़ाकर जाल बिछा रहे हैं .

शिवराज ने कहा कि इस सरकार ने 5 साल में एक वादा पूरा नहीं किया. 2 हजार रुपए चूल्हा खर्च देने का वादा किया था. अब चुनाव के समय केवल 1 हजार रुपए पकड़ाकर जाल बिछा रहे हैं .

सूर्यनारायण हांसदा ने साफ कहा है कि वे ही बोरियो से बीजेपी के टिकट के असली हकदार हैं. हर हाल में चुनाव लड़ेंगे. ताला मरांडी और लोबिन हेंब्रम का जनाधार पूरी तरह से खत्म हो चुका है.

हेमंता ने कहा कि सबको बीजेपी में लाना संभव नहीं है. अगर उन्हें बीजेपी में लायेंगे तो बीजेपी के हमारे नेता हमसे नाराज हो जाएंगे.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.

हेमंत सोरेन ने बीजेपी के नेताओं को राजनीतिक गिद्ध बताया. असम के सीएम हेमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहाण का नाम लिये बिना दोनों पर जमकर हमला किया.

चुनाव के वक्त इंडिया गठबंधन वाम दलों को एक-दो सीट का लॉलीपॉप थमा देती है. विधानसभा चुनाव से पहले मासस का भाकपा माले में विलय होने से कोयलांचल का राजनीतिक समीकरण बदलेगा.

सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों के छात्रों को सीबीएससी पैर्टन पर शिक्षा दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी उम्मीद से इन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से उत्कृष्ट विद्यालयों में लाया था, लेकिन इन्होंने सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

रांची : झारखंड राज्य लेखा लिपिक संघ के राज्य कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में पिछले राज्य सम्मेलन के फाइनेंशियल रिपोर्ट एवं कनीय लेखा लिपिक को नियुक्ति की तिथि से 2800 ग्रेड पे संबंधित याचिका में विधिक खर्चे में सहयोग की स्वीकृति दी गई. बैठक में नियुक्ति की तिथि...

आरोप है कि सरयू राय ने रघुवर सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते हुए विभाग से प्रकाशित आहार पत्रिका के मुद्रण, प्रकाशन और वितरण के लिए अपने नजदीकी लोगों को 3.38 करोड़ का अवैध भुगतान किया है.
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.