
Assembly Election 2024 : बीजेपी ने किया लोहरदगा सरेंडर, गुमला में सुदर्शन चलाएंगे चक्र !
लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि वे चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन लोहरदगा से नहीं बल्कि गुमला विधानसभा सीट से.

लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि वे चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन लोहरदगा से नहीं बल्कि गुमला विधानसभा सीट से.

मां, बेटी-रोटी और आदिवासी अस्मिता की रक्षा की यात्रा : जेपी नड्डा अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा और परिवर्तन आएगा : शिवराज राज्य की भ्रष्ट और निकम्मी सरकार को हटाना है : अन्नपूर्णा झारखंड में बीजेपी की सरकार बनी तो विकास की नई गाथा लिखी जाएगी : मोहन यादव जेमएम, कांग्रेस, आरजेडी दे रही लव और लैंड जेहाद को बढ़ावा : अनुराग ठाकुर

रिपोर्ट के मुताबिक सभी फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को संचालित रखने के अलावा अगर 1000 नई विशेष अदालतों का गठन नहीं हुआ तो शायद लंबित मामले कभी खत्म नहीं होंगे.

आरोप है कि सरयू राय ने रघुवर सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री रहते हुए विभाग से प्रकाशित आहार पत्रिका के मुद्रण, प्रकाशन और वितरण के लिए अपने नजदीकी लोगों को 3.38 करोड़ का अवैध भुगतान किया है.
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि अगर चंपई सोरेन की जगह मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया होता तो हेमंत सोरेन के जेल से आते ही मैं इस्तीफा दे देता.

चंपई सोरेन ने कहा कि उनके सामने तीन ही रास्ते बचे हैं. पहला यह की राजनीति से संन्यास ले लें. दूसरा अपनी पार्टी बना लें. या फिर तीसरा किसी और पार्टी में चले जाएं.

जेएससीसी के जरिए 35000 नियुक्तियां होगी. पीएचडी करने वाले छात्र जो नेट, गेट या जेट परीक्षा पास करेंगे उन्हें 22500 से 25000 प्रति माह तक की फेलोशिप प्रदान की जाएगी.

प्रदर्शनकारियों ने ढाका के सुप्रीम कोर्ट को चारों तरफ से घेर लिया और चीफ जस्टिस सहित सभी जजों पर 1 घंटे के अंदर इस्तीफा देने का दबाव बनाया.