
असम के सीएम हेमंता का दावा : कांग्रेस के 14 और झामुमो का 3 विधायक संपर्क में
हेमंता ने कहा कि सबको बीजेपी में लाना संभव नहीं है. अगर उन्हें बीजेपी में लायेंगे तो बीजेपी के हमारे नेता हमसे नाराज हो जाएंगे.

हेमंता ने कहा कि सबको बीजेपी में लाना संभव नहीं है. अगर उन्हें बीजेपी में लायेंगे तो बीजेपी के हमारे नेता हमसे नाराज हो जाएंगे.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.

कई राज्यों में बीजेपी ने विपक्ष के बड़े नेताओं को लाकर अपने फ्रंट लाइन के नेताओं से आगे खड़ा कर दिया है.कुछ इसी तरह चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी में चंपई सोरेन की एंट्री हुई है .

मिस्ड कॉल अभियान के जरिए पार्टी का सदस्य बनाने के लिए बीजेपी ने मिस्ड कॉल नंबर - 8800002024 भी जारी किया है . लोग नमो ऐप के माध्यम से भी बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं .

चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

रांची: बोरियो के पूर्व JMM विधायक लोबिन हेंब्रम आज दोपहर 12 बजे बीजेपी में शामिल होंगे. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में वे बीजेपी का दामन थामेंगे. बीजेपी के एक बड़े नेता ने यह जानकारी दी. लोबिन हेंब्रम ने 26 अगस्त को खुद ही यह घोषणा की थी कि वह भाजपा में शामिल होंगे. कहा था कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से ...

शिवराज ने कहा चंपई सोरेन ने झारखंड निर्माण को लेकर बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी और उनका ही प्रयास था कि अटलजी ने झारखंड का निर्माण किया था.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

मैं विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं. यह भी चाहती हैं की मेरी बेटी भी विधानसभा का चुनाव लड़े. बीजेपी बड़ी पार्टी है. उसका सारा फैसला दिल्ली से होता है. पार्टी जो भी फैसला लेगी हमें मंजूर होगा.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

चंपई सोरेन को बीजेपी में शामिल किये जाने पर बिफरे सूरज मंडल. शिवराज, हेमंता, शिबू, हेमंत, बीजेपी-कांग्रेस सबपर बरसे.