
अमित यादव, जेपी वर्मा का ह्रदय परिवर्तन, पुलिस की नौकरी छोड़ नवनीत भी ढोयेंगे बीजेपी का झंडा
बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा लिये ये तीनों नेता बीजेपी में आ तो गये हैं, लेकिन सबको टिकट मिलेगी उसकी कोई गारंटी नहीं है.

बीजेपी की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा लिये ये तीनों नेता बीजेपी में आ तो गये हैं, लेकिन सबको टिकट मिलेगी उसकी कोई गारंटी नहीं है.
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

पुलिस ने बंद कमरे में बुजुर्ग महिला और उसके 15 साल के पोते को बेरहमी से पीटा. महिला पदाधिकारी ने बुजुर्ग दादी को बाल पकड़कर जमीन पर पटका. इतने में भी मन नहीं भरा तो उसे डंडों से पीटा. फिर थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने पोते को डंडों से मारा.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि हम चाहते हैं कि हेमंत सोरेन भाजपा में आयें. घुसपैठ पर हेमंत सर्वदलीय बैठक बुलाएं. हम हेमंत सोरेन का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं.

मुख्य सचिव ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध बढ़ रहे अपराध से पूरा समाज चिंतित है. इस वातावरण में महिला पुलिसकर्मियों का दायित्व महत्वपूर्ण हो जाता है. महिलाओं के विरुद्ध अपराध पर रोकथाम के लिए महिला पुलिस की भूमिका पर विचार करने की जरूरत है.

भाजपा के कार्यकर्ता शुक्रवार को रांची में होने वाले जन आक्रोश रैली में शामिल होने आ रहे थे. हंसडीहा के पास गोड्डा विधायक अमित मंडल और उनके समर्थकों को रोका गया, जिसके बाद वहां हंगामा हुआ. उधर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रांची के प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि हेमंत सोरेन संवैधानिक पद पर बैठकर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रहे हैं.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का दावा है कि इस मॉड्यूल का सरगना रांची में बैठा मो. इश्तियाक है. एटीएस ने इश्तियाक को रांची के बरियातू से पकड़ा है. वह पेशे से एक रेडियोलॉजिस्ट है. उसका अलकायदा से संबंध है.