
19-20 सितंबर को राष्ट्रपति का रांची दौरा, एयरपोर्ट से राजभवन तक नो फ्लाई जोन घोषित
एसडीएम ऑफिस की तरफ से आदेश जारी किया गया है. दो दिनों तक इस क्षेत्र में कोई भी अपने निजी कार्य के लिए किसी भी तरह के हवाई वस्तु का इस्तेमाल नहीं करेगा.

एसडीएम ऑफिस की तरफ से आदेश जारी किया गया है. दो दिनों तक इस क्षेत्र में कोई भी अपने निजी कार्य के लिए किसी भी तरह के हवाई वस्तु का इस्तेमाल नहीं करेगा.

इस बार कोयलांचल में एलबी सिंह और हरेंद्र सिंह जैसे धनकुबेरों की एंट्री हुई है. हालांकि जनता और पार्टी कार्यकर्ता इन्हें नहीं पहचानते, लेकिन जेब में पैसा है इसलिए चुनाव लड़ने की तीव्र इच्छा जाग चुकी है.

येचुरी ने सीपीएम का नेतृत्व ऐसे वक्त में किया जब इसका भारतीय राजनीति में वर्चस्व कम हुआ था. वे उन नेताओं में थे जिन्होंने भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का उभार और उसकी ढलान दोनों देखी.

राहुल कुमार पूर्व रजिस्ट्रार कौशलेंद्र कुमार के साले हैं. विभाग में उन्होंने अपनी पकड़ बना रखी है. नीचे से उपर तक सेटिंग है.

2020 में PIL दायर कर पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, अमर कुमार बाउरी और नीलकंठ सिंह मुंडा के खिलाफ आय से अधिक सम्पति होने का आरोप लगाते हुए ACB से जांच की मांग की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक सभी फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को संचालित रखने के अलावा अगर 1000 नई विशेष अदालतों का गठन नहीं हुआ तो शायद लंबित मामले कभी खत्म नहीं होंगे.

हेमंत ने कहा, पहले डबल इंजन की सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं था, महिलाओं को देने के लिए नहीं था लेकिन बड़े-बड़े अरबपतियों को देने के लिए इनके पास करोड़ो-करोड़ निकलता है.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

सरयू ने कहा कि आज जिस तरह के पोस्टर और होर्डिंग मानगो के चौक-चौराहों पर स्वास्थ्य मंत्री के साथ ईश्वर सिंह और चंदन सिंह के लगे हुए हैं, वैसे ही पोस्टर और होर्डिंग पहले स्वास्थ्य मंत्री के साथ अमरनाथ सिंह के लगते थे.

शिवराज ने कहा कि इस सरकार ने 5 साल में एक वादा पूरा नहीं किया. 2 हजार रुपए चूल्हा खर्च देने का वादा किया था. अब चुनाव के समय केवल 1 हजार रुपए पकड़ाकर जाल बिछा रहे हैं .
पटना के शाहपुर इलाके के हेतन गांव के रहने वाले सुभाष ने एक छोटे से प्रॉपर्टी डीलर के रूप में शुरुआत की थी. व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया. 1990 के दशक में लालू के एक रिश्तेदार के करीब आए धीरे-धीरे सुभाष लालू यादव के विश्वासपात्रों में से एक बन गए.

चुनाव के वक्त इंडिया गठबंधन वाम दलों को एक-दो सीट का लॉलीपॉप थमा देती है. विधानसभा चुनाव से पहले मासस का भाकपा माले में विलय होने से कोयलांचल का राजनीतिक समीकरण बदलेगा.