
खामख्वाह: हर चीज में बस राजनीति... भाजपाइयों इंसानियत भी कोई चीज है कि नहीं?
रांची: राजनीति मुद्दे से चलती है. मुद्दा नहीं तो राजनीति नहीं. कोई मुद्दा नहीं है तो किसी चीज को मैनिपुलेट कर उसे मुद्दा बना देना राजनेताओं की पुरानी फितरत रही है. सोशल मीडिया के दौर यह और बढ़ गया है. राजनीतिक पार्टियों के छोटे से लेकर बड़े नेता इसमें माहिर हो चुके हैं. अब कल का ही मामला देख लीजिए. ...











