
बाबूलाल से नहीं संभल रही बीजेपी, दुमका, देवघर के बाद अब धनबाद में पार्टी की बैठक में मारपीट
विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

हेमंत ने कहा, पहले डबल इंजन की सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं था, महिलाओं को देने के लिए नहीं था लेकिन बड़े-बड़े अरबपतियों को देने के लिए इनके पास करोड़ो-करोड़ निकलता है.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

सरयू ने कहा कि आज जिस तरह के पोस्टर और होर्डिंग मानगो के चौक-चौराहों पर स्वास्थ्य मंत्री के साथ ईश्वर सिंह और चंदन सिंह के लगे हुए हैं, वैसे ही पोस्टर और होर्डिंग पहले स्वास्थ्य मंत्री के साथ अमरनाथ सिंह के लगते थे.

हेमंता ने कहा कि सबको बीजेपी में लाना संभव नहीं है. अगर उन्हें बीजेपी में लायेंगे तो बीजेपी के हमारे नेता हमसे नाराज हो जाएंगे.

चुनाव के वक्त इंडिया गठबंधन वाम दलों को एक-दो सीट का लॉलीपॉप थमा देती है. विधानसभा चुनाव से पहले मासस का भाकपा माले में विलय होने से कोयलांचल का राजनीतिक समीकरण बदलेगा.

सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों के छात्रों को सीबीएससी पैर्टन पर शिक्षा दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी उम्मीद से इन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से उत्कृष्ट विद्यालयों में लाया था, लेकिन इन्होंने सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

रांची : झारखंड राज्य लेखा लिपिक संघ के राज्य कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में पिछले राज्य सम्मेलन के फाइनेंशियल रिपोर्ट एवं कनीय लेखा लिपिक को नियुक्ति की तिथि से 2800 ग्रेड पे संबंधित याचिका में विधिक खर्चे में सहयोग की स्वीकृति दी गई. बैठक में नियुक्ति की तिथि...
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.

दिलचस्प बात यह है कि अनुराग गुप्ता तो यूपीएससी के पैनल में हैं ही नहीं. इससे पहले भी इस सरकार में नियुक्त किये गये डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

वैसे तो हेमंत सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्मभर बनाने के लिए उन्हें जन्म से लेकर मृत्यु तक किसी न किसी योजना का लाभ दे रही है , लेकिन अब मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के जरिये हेमंत सोरेन ने 18 वर्ष से उपर की महिला वोटरों को साध लिया है .