झारखंड में ‘झटके’ की राजनीति, सरकार बनाने उतरे हैं 58 दलबदलू
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर 58 दलबदलू चुनाव लड़ रहे हैं. यह दलबदलू विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा बदल देंगे. सरकार बनाने में इन दलबदलुओं की अहम भूमिका होगी.
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर 58 दलबदलू चुनाव लड़ रहे हैं. यह दलबदलू विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा बदल देंगे. सरकार बनाने में इन दलबदलुओं की अहम भूमिका होगी.

गढ़वा जिला अंतर्गत नगर उंटारी के हेडमास्टर साहब की दीपावली खराब हो गई. MDM की राशि निकासी के एवज में 5000 रुपए घूस लेते ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.

विधानसभा चुनाव को लेकर पोटका विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त आईएएस मो जुबैर अली हासमी झारखंड में सरकारी दामाद वाला ट्रीटमेंट खोज रहे थे, महंगे-महंगे अंडरगारमेंट, चप्पल, मोजे खरीदने के बाद 1.30 लाख के आईफोन की डिमांड कर दी, लेकिन आईफोन लेने से पहले ही केंद्रीय चुनाव आयोग ने उनके होश ठिकाने लगा दिये.

महुआ माजी तीसरी बार रांची से बीजेपी के सीपी सिंह को टक्कर देंगी. सीपी सिंह लगातार 6 बार रांची सीट से विधायक हैं. बीजेपी ने सातवीं बार उनपर भरोसा दिखाया है. वहीं झामुमो ने महुआ माजी पर तीसरी बार भरोसा दिखाया है.

बीजेपी लुईस को बरहेट सीट पर हेमंत सोरेन के खिलाफ चुनाव लड़वाना चाह रही थी, लेकिन लुईस दुमका से ही टिकट चाहती थीं. बात नहीं बनी और लुईस ने पाला बदल लिया.

बीजेपी ने सरायकेला से गणेश महली, दुमका से लुईस मरांडी, कांके से समरी लाल और पोटका से मेनका सरदार का टिकट काट दिया है. ये सभी इन सीटों से टिकट के प्रबल दावेदार थे.

एप्प के जरिये मतदाता पोलिंग बूथों में भीड़ की जानकारी ले सकेंगे. 85 वर्ष से उपर के मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर घर से मतदान करने की सुविधा ले सकते हैं. चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं.
रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री को स्थानांतरित करते हुए राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) का सीईओ बनाया गया है. उनकी जगह पर JIIDCO के एमडी वरुण रंजन को रांची का डीसी बनाया गया है.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.

रांची में IAS मनीष रंजन के कांके आवास और चाईबासा में मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर और सहयोगी वेदांत खिरवाल के ठिकानों में छापेमारी कर ईडी ने 12 घंटे तक सबूतों को खंगाला.

मंत्री ने कहा बीजेपी में शामिल होने का दवाब बनाया जा रहा था. जब बीजेपी को इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन्हें और उनके परिजनों को बेवजह परेशान किया जा रहा है.

लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि वे चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन लोहरदगा से नहीं बल्कि गुमला विधानसभा सीट से.