बीजेपी के निष्ठावान नेताओं पर भारी पड़ा परिवारवाद, गणेश, लुईस समेत 4 नेता सीएम हाउस के रास्ते जेएमएम-कांग्रेस में जाने का लगा रहे जुगाड़
बीजेपी ने सरायकेला से गणेश महली, दुमका से लुईस मरांडी, कांके से समरी लाल और पोटका से मेनका सरदार का टिकट काट दिया है. ये सभी इन सीटों से टिकट के प्रबल दावेदार थे.


रांची
:
विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे में
बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर परिवारवाद भारी पड़ गया है. जो बीजेपी कांग्रेस-झामुमो-राजद जैसी पार्टियों को परिवार की पार्टी कहती है. उसी बीजेपी ने इस बार परिवारवाद को बढ़ावा देने का काम किया है. योग्य और प्रभावी दावेदारों को दरकिनार कर बैक डोर से बीजेपी में आये नेताओं को टिकट थमा दिया. पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा को टिकट देने के लिए बीजेपी पूर्व मेनका सरदार का टिकट काट दिया है. उधर सरायकेला से
दो बार बीजेपी के प्रत्याशी रहे गणेश महली का टिकट काटकर पूर्व सीएम चंपई सोरेन को दे दिया गया है. दुमका सीट से लुईस मरांडी बीजेपी से चुनाव लड़ती हैं. इस बार बीजेपी ने वहां पूर्व सांसद सुनील सोरेन को टिकट दे दिया. संथाल की किसी दूसरी सीट से भी उन्हें नहीं उतारा गया. कांके के विधायक समरी लाल का टिकट काटकर पूर्व विधायक जीतू चरण राम को दिया गया है. अब यह सभी नेता बीजेपी छोड़ने के लिए बेचैन हैं.
नये नेताओं के लिए पुराने नेताओं की कुर्बानी
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मेनका सरदार वर्ष 2000, 2009 और 2014 में पोटका विधानसभा सीट पर कमल खिला चुकी हैं. 2009 में उन्हें सफलता नहीं मिली थी. बीजेपी ने पोटका से मेनका की जगह अर्जुन मुंडा की पत्नी को टिकट दे दिया. इससे आहत होकर मेनका ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उम्मीद जताई जा रही है कि वो चुनाव से पहले पार्टी बदल सकती हैं. सीएम हाउस के रास्ते वे जेएमएम या कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं. वहीं गणेश महली 2014 और 2019 में सरायकेला सीट से बीजेपी की टिकट पर पूर्व सीएम चंपई सोरेन को कड़ी टक्कर देते रहे हैं. चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी ने महली को दरकिनार कर दिया. उन्हें कोल्हान की किसी दूसरी सीट से टिकट नहीं दिया गया. इससे नाराज महली ने शनिवार देर रात सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की. जल्द ही महली झामुमो में शामिल हो सकते हैं. पूर्व मंत्री लुईस मरांडी भी दुमका से टिकट काटे जाने से नाराज होकर सीएम हाउस के रास्ते जेएमएम में जाने का जुगाड़ लगा रही हैं. कांके विधायक समरी लाल टिकट के लिए दिल्ली में जमे थे. उन्हें सफलता नहीं मिली. थक-हाककर वापस रांची लौट गये हैं. वे भी जल्द सीएम हाउस के रास्ते कांग्रेस में जा सकते हैं.
जमशेदपुर में भी बीजेपी में मच सकती है भगदड़
बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू को जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव मैदान में उतारा है. जमशेदपुर पूर्वी के सीटिंग विधायक सरयू राय जमशेदपुर पश्चिम से चुनाव लड़ेंगे. जमशेदपुर में बीजेपी के कई नेता टिकट की रेस में हैं. वहां भी बीजेपी में भागमभाग शुरू होने वाली है. सारठ के पूर्व विधायक चुन्ना सिंह भी बीजेपी छोड़कर जेएमएम में शामिल हो सकते हैं.

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