
रामदास सोरेन होंगे हेमंत कैबिनेट के 12वें मंत्री, कल लेंगे शपथ
सुबह 11.30 में रामदास सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. रामदास कोल्हान में चंपई के बाद झामुमो के दूसरे बड़े लीडर हैं

सुबह 11.30 में रामदास सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. रामदास कोल्हान में चंपई के बाद झामुमो के दूसरे बड़े लीडर हैं

पुलिस ने बंद कमरे में बुजुर्ग महिला और उसके 15 साल के पोते को बेरहमी से पीटा. महिला पदाधिकारी ने बुजुर्ग दादी को बाल पकड़कर जमीन पर पटका. इतने में भी मन नहीं भरा तो उसे डंडों से पीटा. फिर थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने पोते को डंडों से मारा.

निलंबित मुखिया का आरोप है कि सरना स्थल के सौंदर्यीकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद को बुलाया गया था. इससे विधायक और पूर्व विधायक नाराज थे. उन्होंने सरकार और प्रशासन पर दबाव डालकर कार्रवाई करवाई है.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

चंपई सोरेन को बीजेपी में शामिल किये जाने पर बिफरे सूरज मंडल. शिवराज, हेमंता, शिबू, हेमंत, बीजेपी-कांग्रेस सबपर बरसे.

चंपई सोरेन ने आज रात दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. उनके साथ असम के मुख्यमंत्री और झारखंड बीजेपी के विधानसभा सह प्रभारी हेमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद थे.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि हम चाहते हैं कि हेमंत सोरेन भाजपा में आयें. घुसपैठ पर हेमंत सर्वदलीय बैठक बुलाएं. हम हेमंत सोरेन का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.