
कोल्हान के तीर से संथाल भेदने की तैयारी !
चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

चंपई सोरेन ने कहा बीजेपी में रहकर हम घुसपैठियों को रोक कर दिखा देंगे. हमने मजदूर आंदोलन किया है. 40 साल पहले जो आवाज उठाते थे वही आवाज फिर से उठायेंगे.

राज्यपाल संतोष गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई. रामदास सोरेन हेमंत सोरेन कैबिनेट में 12वें मंत्री बने हैं.

सरकार ने प्रदेश के 39.44 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बकाया एरियर माफ कर दिया है. यह उपभोक्ता 200 यूनिट तक बिजली माफी योजना का लाभ ले रहे थे.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

सुबह 11.30 में रामदास सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. रामदास कोल्हान में चंपई के बाद झामुमो के दूसरे बड़े लीडर हैं

निलंबित मुखिया का आरोप है कि सरना स्थल के सौंदर्यीकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद को बुलाया गया था. इससे विधायक और पूर्व विधायक नाराज थे. उन्होंने सरकार और प्रशासन पर दबाव डालकर कार्रवाई करवाई है.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

चंपई सोरेन ने आज रात दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. उनके साथ असम के मुख्यमंत्री और झारखंड बीजेपी के विधानसभा सह प्रभारी हेमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद थे.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.