
शपथ ग्रहण के बाद हेमंत सरकार का पहला ट्रांसफर, रांची डीसी बने मंजूनाथ भजंत्री
JSLPS के सीईओ के पद पर पदस्थापित मंजूनाथ भजंत्री को फिर से रांची का डीसी बनाया गया है, वहीं रांची डीसी वरुण रंजन को JIIDCO का एमडी बनाया गया है.

JSLPS के सीईओ के पद पर पदस्थापित मंजूनाथ भजंत्री को फिर से रांची का डीसी बनाया गया है, वहीं रांची डीसी वरुण रंजन को JIIDCO का एमडी बनाया गया है.

झारखंड में इस बार राजद और सीपीआईएमएल की सरकार बनाने में अहम भूमिका होगी. राजद को 3 और सीपीआईएमएल की भी 3 सीटें मिल रही है. समाजवादी पार्टी का भी 1 सीट पर खाता खुल रहा है.
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर 58 दलबदलू चुनाव लड़ रहे हैं. यह दलबदलू विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा बदल देंगे. सरकार बनाने में इन दलबदलुओं की अहम भूमिका होगी.

झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने दो चुनावी सभा को संबोधित किया. गढ़वा और चाईबासा की सभा में हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा. वहीं, रोटी, बेटी और माटी की सुरक्षा पर अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी.

विधानसभा चुनाव को लेकर पोटका विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त आईएएस मो जुबैर अली हासमी झारखंड में सरकारी दामाद वाला ट्रीटमेंट खोज रहे थे, महंगे-महंगे अंडरगारमेंट, चप्पल, मोजे खरीदने के बाद 1.30 लाख के आईफोन की डिमांड कर दी, लेकिन आईफोन लेने से पहले ही केंद्रीय चुनाव आयोग ने उनके होश ठिकाने लगा दिये.

रांची : विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने 40 डीएसपी का तबादला किया है. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. आयोग ने तीन साल या उससे अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित या गृह जिला में कार्यरत पदाधिकारियों-कर्मियों का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया था. इसी के तहत यह यह स्थानांतरण ...

रवि किशन ने कहा ''यह वचन है हमारा कि जब हमारी सरकार बनेगी तो कोई कमी नहीं रहेगी . ऐसा नहीं हुआ तो हम राजनीति छोड़ देंगे. जैसे ही सरकार बनेगी , झारखंड को स्वर्ग बनाया जाएगा.''

चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में अपने लोगों के बीच मुझे किसी भी प्रकार की सुरक्षा की जरूरत नहीं है. इस राजनीतिक साजिश का जवाब राज्य की जनता देगी.’’

अबतक जिन 16 प्लॉट्स का ऑक्शन हुआ है उनमें 6 रेसिडेंशियल, 5 मिक्स यूज और 5 एजुकेशनल यूज के प्लॉट हैं. इनमें टेक्निकल कॉलेज, स्कूल, मेडिकल कॉलेज और आवासीय कॉलोनियां बनेंगे.

हेमंत ने कहा, पहले डबल इंजन की सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं था, महिलाओं को देने के लिए नहीं था लेकिन बड़े-बड़े अरबपतियों को देने के लिए इनके पास करोड़ो-करोड़ निकलता है.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

दिलचस्प बात यह है कि अनुराग गुप्ता तो यूपीएससी के पैनल में हैं ही नहीं. इससे पहले भी इस सरकार में नियुक्त किये गये डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.