
फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रार नियुक्ति मामला : बवाल न्यूज के खबर के बाद सरयू ने की सीएम से मांग, बन्ना गुप्ता पर करें कार्रवाई
सरयू राय ने कहा कि राहुल कुमार की नियुक्ति के मामले में व्यापक धन शोधन भी हुआ है. जांच में मंत्री की भूमिका सामने आयेगी.

सरयू राय ने कहा कि राहुल कुमार की नियुक्ति के मामले में व्यापक धन शोधन भी हुआ है. जांच में मंत्री की भूमिका सामने आयेगी.

इस बार कोयलांचल में एलबी सिंह और हरेंद्र सिंह जैसे धनकुबेरों की एंट्री हुई है. हालांकि जनता और पार्टी कार्यकर्ता इन्हें नहीं पहचानते, लेकिन जेब में पैसा है इसलिए चुनाव लड़ने की तीव्र इच्छा जाग चुकी है.

येचुरी ने सीपीएम का नेतृत्व ऐसे वक्त में किया जब इसका भारतीय राजनीति में वर्चस्व कम हुआ था. वे उन नेताओं में थे जिन्होंने भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का उभार और उसकी ढलान दोनों देखी.

राहुल कुमार पूर्व रजिस्ट्रार कौशलेंद्र कुमार के साले हैं. विभाग में उन्होंने अपनी पकड़ बना रखी है. नीचे से उपर तक सेटिंग है.

2020 में PIL दायर कर पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, अमर कुमार बाउरी और नीलकंठ सिंह मुंडा के खिलाफ आय से अधिक सम्पति होने का आरोप लगाते हुए ACB से जांच की मांग की थी.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

शिवराज ने कहा कि इस सरकार ने 5 साल में एक वादा पूरा नहीं किया. 2 हजार रुपए चूल्हा खर्च देने का वादा किया था. अब चुनाव के समय केवल 1 हजार रुपए पकड़ाकर जाल बिछा रहे हैं .
पटना के शाहपुर इलाके के हेतन गांव के रहने वाले सुभाष ने एक छोटे से प्रॉपर्टी डीलर के रूप में शुरुआत की थी. व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया. 1990 के दशक में लालू के एक रिश्तेदार के करीब आए धीरे-धीरे सुभाष लालू यादव के विश्वासपात्रों में से एक बन गए.

सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों के छात्रों को सीबीएससी पैर्टन पर शिक्षा दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी उम्मीद से इन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से उत्कृष्ट विद्यालयों में लाया था, लेकिन इन्होंने सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

रांची : झारखंड राज्य लेखा लिपिक संघ के राज्य कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में पिछले राज्य सम्मेलन के फाइनेंशियल रिपोर्ट एवं कनीय लेखा लिपिक को नियुक्ति की तिथि से 2800 ग्रेड पे संबंधित याचिका में विधिक खर्चे में सहयोग की स्वीकृति दी गई. बैठक में नियुक्ति की तिथि...
दोनों आरोपियों को वाहन चेकिंग के दौरान न्युक्लियस मॉल के पास पकड़ा गया था, जिसके बाद उन्हें थाना लेकर आया गया. वहां ओडी ऑफिसर ने उनको शांतिपूर्वक बैठने को कहा, लेकिन दोनों ने खुद को नेता बताकर हंगामा शुरू कर दिया. जांच में पता चला की दोनों बीजेपी के नेता नहीं है.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.