
झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
झारखंड पुलिस ने सोशल मीडिया पर वर्दी, हथियार और सरकारी संसाधनों के साथ रील बनाने पर सख्त रोक लगा दी है. DGP कार्यालय के निर्देश के अनुसार अब निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर भी वर्दी में फनी, डांस या आत्मप्रचार वाले वीडियो पोस्ट करने पर विभागीय कार्रवाई होगी.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.

मनरेगा को भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बताते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जी राम जी योजना गांव, गरीब और मजदूरों के लिए नया और पारदर्शी मॉडल है. उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने और भ्रष्ट व्यवस्था को बचाने का आरोप लगाया.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
झारखंड की यूनिवर्सिटी में लंबे समय से खाली पदों के बाद प्रशासनिक स्थिरता लौटने की उम्मीद है. 15 जनवरी से कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इससे छात्रों और शिक्षकों के लिए स्थायी नेतृत्व और शैक्षणिक नियमितता सुनिश्चित होने की संभावना है.
मनरेगा योजना का नाम बदलकर वीबीजी राम जी योजना किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने रांची में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पैदल मार्च निकाला. मोरहाबादी मैदान से लोक भवन तक हुई रैली में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए.
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने NHRC को पत्र लिखकर अजीत महतो की पुलिस हिरासत में मौत की न्यायिक जांच की मांग की. उन्होंने परिवार के लिए मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा की अपील की.
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी घबराहट नहीं दिखी. सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में रहे, क्योंकि क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर रहीं और भारत पर सीधा आर्थिक असर नजर नहीं आया.
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.