
जिस स्कूल में सीएम देंगे वोट, वहां के बूथ नंबर 293 पर ईवीएम खराब
राज्य के 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है. 1.37 करोड़ वोटर्स अपना विधायक चुनने के लिए आज मतदान कर रहे हैं.

राज्य के 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है. 1.37 करोड़ वोटर्स अपना विधायक चुनने के लिए आज मतदान कर रहे हैं.

चुनाव के लिए कुल 15,344 मतदान केंद्र बनाये गये हैं. इनमें से 12,716 बूथ ग्रामीण और 2,628 बूथ शहरी क्षेत्र में स्थित हैं. 50 बूथ यूनिक कैटेगरी में हैं.

इंडी गठबंधन बीजेपी-आजसू के 9, 25 और 30 संकल्पों और गारंटी के मुकाबले सिर्फ 7 गारंटी के साथ चुनावी मैदान में डटा है.
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर 58 दलबदलू चुनाव लड़ रहे हैं. यह दलबदलू विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा बदल देंगे. सरकार बनाने में इन दलबदलुओं की अहम भूमिका होगी.

गढ़वा जिला अंतर्गत नगर उंटारी के हेडमास्टर साहब की दीपावली खराब हो गई. MDM की राशि निकासी के एवज में 5000 रुपए घूस लेते ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.

विधानसभा चुनाव को लेकर पोटका विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त आईएएस मो जुबैर अली हासमी झारखंड में सरकारी दामाद वाला ट्रीटमेंट खोज रहे थे, महंगे-महंगे अंडरगारमेंट, चप्पल, मोजे खरीदने के बाद 1.30 लाख के आईफोन की डिमांड कर दी, लेकिन आईफोन लेने से पहले ही केंद्रीय चुनाव आयोग ने उनके होश ठिकाने लगा दिये.

बीजेपी लुईस को बरहेट सीट पर हेमंत सोरेन के खिलाफ चुनाव लड़वाना चाह रही थी, लेकिन लुईस दुमका से ही टिकट चाहती थीं. बात नहीं बनी और लुईस ने पाला बदल लिया.

बीजेपी ने सरायकेला से गणेश महली, दुमका से लुईस मरांडी, कांके से समरी लाल और पोटका से मेनका सरदार का टिकट काट दिया है. ये सभी इन सीटों से टिकट के प्रबल दावेदार थे.

एप्प के जरिये मतदाता पोलिंग बूथों में भीड़ की जानकारी ले सकेंगे. 85 वर्ष से उपर के मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर घर से मतदान करने की सुविधा ले सकते हैं. चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.

रांची में IAS मनीष रंजन के कांके आवास और चाईबासा में मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर और सहयोगी वेदांत खिरवाल के ठिकानों में छापेमारी कर ईडी ने 12 घंटे तक सबूतों को खंगाला.

मंत्री ने कहा बीजेपी में शामिल होने का दवाब बनाया जा रहा था. जब बीजेपी को इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन्हें और उनके परिजनों को बेवजह परेशान किया जा रहा है.