
14 दिन का जल सत्याग्रह तड़के खत्म! पुलिस ने हटाए आदिवासी किसान, अब गिरफ्तारी के दावे पर छिड़ा विवाद
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे आदिवासी किसानों के जल सत्याग्रह पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रशासन और आंदोलनकारियों के दावे आमने-सामने हैं।

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे आदिवासी किसानों के जल सत्याग्रह पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रशासन और आंदोलनकारियों के दावे आमने-सामने हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार (18 जुलाई) को दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाया था।
भाजयुमो ने JPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि आयोग में पारदर्शिता की कमी है. संगठन ने 21 जुलाई को राज्यभर में मशाल जुलूस और 22 जुलाई को JPSC कार्यालय घेराव का ऐलान किया है.

नगड़ी में रिम्स-2 निर्माण के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल का निर्माण करें, लेकिन खेती की जमीन छीनकर नहीं। हजारों लोगों ने लोकभवन के सामने प्रदर्शन किया.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके पर कथित स्याही हमला हुआ। घटना के बाद मौके पर हंगामा मच गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई।
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद नई बहस छिड़ गई है. क्या किसी अनशनकारी का उसकी इच्छा के खिलाफ इलाज कराया जा सकता है? जानिए मरीज की सहमति, कानून, मेडिकल एथिक्स और पूरे विवाद का विश्लेषण.
जामताड़ा सदर अस्पताल में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है. अस्पताल में हंगामे, बीजेपी नेताओं पर FIR, डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और स्वास्थ्य मंत्री व बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब पूरे मामले की जांच पर सबकी नजर टिकी है.
भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार की खनन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशभर में 434 खनिज ब्लॉकों की नीलामी के मुकाबले राज्य में केवल तीन ब्लॉकों की नीलामी हुई. उन्होंने बंद खदानों, घटते रोजगार, कम खनन राजस्व और DMFT फंड में पारदर्शिता की कमी को लेकर सरकार से जवाब मांगा.

Sonam Wangchuk की गिरती सेहत पर Delhi High Court ने सरकार को बड़ा आदेश दिया है. अदालत ने कहा है कि रोजाना मेडिकल मॉनिटरिंग हो और डॉक्टर की सलाह पर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए.

मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार बड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है. महिला आरक्षण, परिसीमन, संविधान संशोधन और चुनाव सुधार जैसे मुद्दों पर सरकार समर्थन जुटाने में लगी है, जबकि विपक्ष इन प्रस्तावों का विरोध करने की रणनीति बना रहा है. ऐसे में इस बार का संसद सत्र बेहद अहम माना जा रहा है.

संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है.पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि सरकार परिसीमन, संविधान संशोधन, वन नेशन वन इलेक्शन, FCRA संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव जैसे प्रस्ताव लाती है, तो वह उनका विरोध करेगी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सारंडा दौरे के बाद प्रेस वार्ता में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, DMFT फंड के उपयोग, रोजगार, पलायन और खदानों की नीलामी को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.