संसद से पहले कांग्रेस का बड़ा ऐलान! BJP के किन 5 बड़े प्लान पर लगा ब्रेक?
संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है.पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि सरकार परिसीमन, संविधान संशोधन, वन नेशन वन इलेक्शन, FCRA संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव जैसे प्रस्ताव लाती है, तो वह उनका विरोध करेगी


New Delhi: संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है. पार्टी की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक में संभावित विधेयकों और विपक्ष की संयुक्त रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक के बाद कांग्रेस ने संकेत दिया कि यदि सरकार परिसीमन, संविधान संशोधन, 'वन नेशन, वन इलेक्शन', एफसीआरए संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव जैसे प्रस्ताव लेकर आती है तो पार्टी उनका विरोध करेगी. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पर्याप्त राजनीतिक सहमति के बिना बड़े संवैधानिक बदलाव आगे बढ़ाना चाहती है. वहीं, पार्टी ने यह भी कहा कि विपक्ष संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर साझा रणनीति बनाएगा. मानसून सत्र शुरू होने से पहले सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत अब साफ दिखाई देने लगे हैं.
संभावित विधेयकों पर कांग्रेस ने पहले ही बनाई रणनीति
नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की रणनीतिक बैठक में आगामी संसद सत्र के एजेंडे पर चर्चा की गई. पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि मानसून सत्र में कौन-कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे. इसी कारण संभावित विधेयकों पर पहले से रणनीति तैयार की गई है. कांग्रेस ने कहा कि 19 जुलाई को प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक में सरकार से विधायी एजेंडा स्पष्ट करने की मांग की जाएगी. पार्टी शिक्षा से जुड़े मुद्दों, विशेषकर नीट परीक्षा विवाद पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है.
परिसीमन और संविधान संशोधन पर कांग्रेस का सख्त रुख
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार परिसीमन से जुड़ा विधेयक या संविधान संशोधन प्रस्ताव लाती है तो उसका विरोध किया जाएगा. पार्टी का तर्क है कि ऐसे महत्वपूर्ण बदलाव व्यापक राजनीतिक सहमति और सभी राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर ही किए जाने चाहिए. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में संख्या बल बढ़ाने और संवैधानिक बदलावों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ समन्वय कर संयुक्त रुख अपनाएगी.
'वन नेशन, वन इलेक्शन' समेत कई प्रस्तावों पर भी आपत्ति
बैठक में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई. कांग्रेस ने संकेत दिया कि वह लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी. इसके अलावा एफसीआरए संशोधन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में संभावित बदलावों पर भी पार्टी ने आपत्ति जताई है. कांग्रेस का कहना है कि इन विषयों पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की राय जरूरी है. दूसरी ओर, केंद्र सरकार विभिन्न दलों के साथ संवाद के जरिए आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिश में है, क्योंकि कुछ प्रमुख संवैधानिक संशोधनों के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होगी.
मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के आसार
20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार कई अहम विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष पहले से ही साझा रणनीति बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. सर्वदलीय बैठक, विपक्षी दलों की समन्वय बैठक और संसद के भीतर होने वाली बहसें यह तय करेंगी कि आगामी सत्र कितना हंगामेदार रहने वाला है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन, संविधान संशोधन और चुनाव सुधार जैसे मुद्दे इस बार संसद की सबसे बड़ी बहस बन सकते हैं.

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