
40 साल बाद चंपई के घर से उतरा हरा रंग, बीजेपी में शामिल होने से पहले ही भगवाधारी बने दादा
जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि रांची से दिल्ली तक चंपई पर दो लोग नजर रखे हुए थे. एक महिला के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप कर कुछ बड़ा खेल करने की तैयारी थी, लेकिन समय रहते दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.

चंपई सोरेन को बीजेपी में शामिल किये जाने पर बिफरे सूरज मंडल. शिवराज, हेमंता, शिबू, हेमंत, बीजेपी-कांग्रेस सबपर बरसे.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.

करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में संघर्ष होता रहा. पुलिस बार-बार वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़कर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाती और थोड़ी देर बाद कार्यकर्ता फिर पहुंच जाते.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का दावा है कि इस मॉड्यूल का सरगना रांची में बैठा मो. इश्तियाक है. एटीएस ने इश्तियाक को रांची के बरियातू से पकड़ा है. वह पेशे से एक रेडियोलॉजिस्ट है. उसका अलकायदा से संबंध है.

कोर्ट ने कहा कि आईबी हर सप्ताह 24 घंटे काम करती है, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल नहीं कर रही है.

भारत बंद को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पलामू दौरा भी स्थगित हो गया. बंद समर्थकों ने गिरिडीह-मधुपुर सवारी ट्रेन को रोक दिया.

क्या भाजपा के साथ चंपई की डील फाइनल नहीं हो पाई या फिर भाजपा ने चंपई को घास नहीं डाला.

झामुमो का इशारा बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा की तरफ तो नहीं?