
फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रार नियुक्ति मामला : बवाल न्यूज के खबर के बाद सरयू ने की सीएम से मांग, बन्ना गुप्ता पर करें कार्रवाई
सरयू राय ने कहा कि राहुल कुमार की नियुक्ति के मामले में व्यापक धन शोधन भी हुआ है. जांच में मंत्री की भूमिका सामने आयेगी.

सरयू राय ने कहा कि राहुल कुमार की नियुक्ति के मामले में व्यापक धन शोधन भी हुआ है. जांच में मंत्री की भूमिका सामने आयेगी.

एसडीएम ऑफिस की तरफ से आदेश जारी किया गया है. दो दिनों तक इस क्षेत्र में कोई भी अपने निजी कार्य के लिए किसी भी तरह के हवाई वस्तु का इस्तेमाल नहीं करेगा.

इस बार कोयलांचल में एलबी सिंह और हरेंद्र सिंह जैसे धनकुबेरों की एंट्री हुई है. हालांकि जनता और पार्टी कार्यकर्ता इन्हें नहीं पहचानते, लेकिन जेब में पैसा है इसलिए चुनाव लड़ने की तीव्र इच्छा जाग चुकी है.

येचुरी ने सीपीएम का नेतृत्व ऐसे वक्त में किया जब इसका भारतीय राजनीति में वर्चस्व कम हुआ था. वे उन नेताओं में थे जिन्होंने भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का उभार और उसकी ढलान दोनों देखी.

विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी को लेकर रायशुमारी के लिए बुलाई गई बैठक में विधायक राज सिन्हा और एलबी सिंह के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

हेमंत ने कहा, पहले डबल इंजन की सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं था, महिलाओं को देने के लिए नहीं था लेकिन बड़े-बड़े अरबपतियों को देने के लिए इनके पास करोड़ो-करोड़ निकलता है.

मोरहाबादी मैदान में आयोजित आक्रोश रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. बाबूलाल मरांडी समेत 52 नेताओं और 12000 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए लालपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया था.

सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों के छात्रों को सीबीएससी पैर्टन पर शिक्षा दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी उम्मीद से इन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों से उत्कृष्ट विद्यालयों में लाया था, लेकिन इन्होंने सरकार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.

बीजेपी के 25 नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. उधर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी बेटी अनुप्रिया साव ने भी कांग्रेस से इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है. बीजेपी से भी पांच नाम की चर्चा काफी हो रही है. इनमें प्रदीप प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत है.

दिलचस्प बात यह है कि अनुराग गुप्ता तो यूपीएससी के पैनल में हैं ही नहीं. इससे पहले भी इस सरकार में नियुक्त किये गये डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

वैसे तो हेमंत सरकार बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्मभर बनाने के लिए उन्हें जन्म से लेकर मृत्यु तक किसी न किसी योजना का लाभ दे रही है , लेकिन अब मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के जरिये हेमंत सोरेन ने 18 वर्ष से उपर की महिला वोटरों को साध लिया है .