
अब डॉक्टर साहब करेंगे पूरे झारखंड का इलाज
स्वास्थ्य विभाग की कमियों को दूर करने और राज्य के ग्रामीण इलाकों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना इरफान अंसारी के सामने बड़ी चुनौती है.

स्वास्थ्य विभाग की कमियों को दूर करने और राज्य के ग्रामीण इलाकों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना इरफान अंसारी के सामने बड़ी चुनौती है.

चारों नेताओं के विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को देखते हुए तो ऐसा नहीं लगता है कि इन्हें अगली बार बीजेपी से चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा.

जो विधायक पार्टी की हर बैठकों में आगे बैठे नजर आते थे. विधानसभा में भी वरीयता के आधार पर जिन्हें आगे की कुर्सी मिली थी. वह सभी पूर्व हो चुके विधायक मुंह छिपाकर पीछे बैठे नजर आये.

बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए सदन के अंदर 4 साल तक संघर्ष करते रहे. प्रदेश अध्यक्ष पद मिलने के बाद भी वे विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीटें दिला नहीं सके, बल्कि उनके नेतृत्व में बीजेपी को 4 सीटों का नुकसान हो गया. ऐसे में बीजेपी को विधायकों का नेतृत्व करने और सरकार को सदन में घेरने के लिए एक तेज-तर्रार लीडर की जरूरत होगी.

Ranchi: हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद कई अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. अनुराग गुप्ता को झारखंड का डीजीपी बनाया गया है. एसीबी डीजी के पद पर पदस्थापित अनुराग गुप्ता को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं झारखंड डीजीपी के पद पर पदस्थापित अजय कुमार को झारखंड पुलिस हा...

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद इंडी गठबंधन के समर्थक बेकाबू हो गये हैं. राज्य में कई जगहों पर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को टारगेट किया जा रहा है. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी चूड़ियां नहीं पहनी है. उत्पात बंद नहीं हुआ तो बीजेपी भी जवाब देगी.

हेमंत सोरेन झारखंड में अबतक सबसे अधिक 4 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सीएम बन जाएंगे. इससे पहले हेमंत के पिता शिबू सोरेन और अर्जुन मुंडा तीन-तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. हेमंत झारखंड में चौथी बार सीएम बनने का रिकॉर्ड बनायेंगे.
हेमंत की आंधी में उड़ गये बीजेपी और एनडीए के बड़े-बड़े रणनीतिकार. अमर बाउरी, सुदेश महतो, मीरा मुंडा, सुदर्शन भगत जैसे दिग्गज झामुमो के आगे ढेर हो गये. जो बीजेपी राज्य की एसटी रिजर्व 28 सीटें जीतने का ख्वाब देख रही थी उसे एसटी रिजर्व दो सीटिंग सीट खूंटी और तोरपा से भी हाथ धोना पड़ा. चंपई सोरेन ने एक एसटी रिजर्व सीट सरायकेला जीताकर बीजेपी की लाज बचा दी है.

झारखंड में इस बार राजद और सीपीआईएमएल की सरकार बनाने में अहम भूमिका होगी. राजद को 3 और सीपीआईएमएल की भी 3 सीटें मिल रही है. समाजवादी पार्टी का भी 1 सीट पर खाता खुल रहा है.

43 सीटों से 683 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इनमें 609 पुरुष, 73 महिला और एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर के हैं.

इंडी गठबंधन बीजेपी-आजसू के 9, 25 और 30 संकल्पों और गारंटी के मुकाबले सिर्फ 7 गारंटी के साथ चुनावी मैदान में डटा है.
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर 58 दलबदलू चुनाव लड़ रहे हैं. यह दलबदलू विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा बदल देंगे. सरकार बनाने में इन दलबदलुओं की अहम भूमिका होगी.