
BJP-AJSU में इन 10 विधानसभा सीटों पर बनी सहमति, आज हो सकती है घोषणा
जिन सीटों पर सहमति बनी है उनमें सिल्ली, रामगढ़, मनोहरपुर, पाकुड़, लोहरदगा, गोमिया, मांडू, ईचागढ़, जुगसलाई और डुमरी शामिल है.

जिन सीटों पर सहमति बनी है उनमें सिल्ली, रामगढ़, मनोहरपुर, पाकुड़, लोहरदगा, गोमिया, मांडू, ईचागढ़, जुगसलाई और डुमरी शामिल है.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. रोल टू पोल के तहत मतदाता सूची साफ सुथरी हो इसके अलावा राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय मिले.

विधानसभा चुनाव में यशवंत की पार्टी की हालत वैसी ही होने की संभावना है जैसी सरयू राय के संरक्षण वाली पार्टी भाजमो की लोकसभा चुनाव में हुई है.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि एक अच्छे अफसर के रूप में दो बार मैं उन्हें महेशपुर ले गया, लेकिन अब कभी आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा.

राज्य की सभी 5 आदिवासी सुरक्षित लोकसभा सीटें हारने के बाद पार्टी के आदिवासी नेता अपनी तय विधानसभा सीटों से भागते नजर आ रहे हैं.

2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

रांची विधानसभा सीट इस बार भी हॉट सीट होगा. राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है.

राजेश ठाकुर ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने के इच्छुक सभी नेता आवेदन सहित विस्तृत जानकारी एवं बायोडाटा जमा करें.

बाबूलाल मरांडी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही कांग्रेस में भी किसी आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठ रही थी. कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग पिछड़े वर्ग के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है.