
झारखंड के 43 विधानसभा सीटों पर वोटिंग शुरू, 15344 बूथों पर हो रहा मतदान
43 सीटों से 683 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इनमें 609 पुरुष, 73 महिला और एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर के हैं.

43 सीटों से 683 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इनमें 609 पुरुष, 73 महिला और एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर के हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने डॉ. लुईस मरांडी को जामा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है. बीजेपी छोड़ जेएमएम में शामिल हुई लुईस मरांडी को टिकट मिलने को लेकर कुछ इतंजार करना पड़ा. जेएमएम ने 43 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी. दूसरे चरण में आगामी 20 नवंबर को जामा विधानसभा में चुनाव है.

सुदेश महतो सिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. लंबोदर महतो गोमिया विधानसभा सीट से प्रत्याशी होंगे. सुनीता चौधरी रामगढ़ सीट से, नीरू शांति भगत लोहरदगा से चुनाव लड़ेंगी.

बीजेपी की पहली लिस्ट में 12 महिलाएं शामिल हैं. सीता सोरेन को जामा सीट छोड़ना पड़ा है. पार्टी उन्हें जामताड़ा से लड़वा रही है. पहली लिस्ट में अर्जुन मुंडा नहीं हैं. पोटका सीट से उनकी पत्नी मीरा मुंडा का नाम है.

झारखंड की 81 में से 70 विधानसभा सीटों पर झामुमो और कांग्रेस चुनाव लड़ेगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस बार झामुमो अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकता है, जबकि कांग्रेस की कुछ सीटें घट सकती है. इस बार झामुमो 45 और कांग्रेस 25 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

जिन सीटों पर सहमति बनी है उनमें सिल्ली, रामगढ़, मनोहरपुर, पाकुड़, लोहरदगा, गोमिया, मांडू, ईचागढ़, जुगसलाई और डुमरी शामिल है.

2019 में सीटिंग सीएम रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव हारे थे. 2014 में सीटिंग सीएम हेमंत सोरेन दुमका विधानसभा सीट से चुनाव हारे थे. शिबू सोरेन 2008 में सीटिंग सीएम रहते हुए तमाड़ विधानसभा उपचुनाव हार गये थे.

इस योजना के तहत लगभग 63,000 आदिवासी गांवों का विकास किया जाएगा. इससे 5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा.

झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं. एनडीए फोल्डर में शामिल लोजपा ने इनमें से 28 सीटों पर दावा ठोंक दिया है. वहीं जदयू 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी पेश की है. आजसू पार्टी भी 12 से 14 सीटें चाहती है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी दागी व्यक्ति को भारत स्वीकर नहीं करेगा. हेमंत सोरेन ने स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रथाओं से खिलवाड़ किया है. वहीं राहुल गांधी ने विदेश में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की है.

विधानसभा चुनाव में यशवंत की पार्टी की हालत वैसी ही होने की संभावना है जैसी सरयू राय के संरक्षण वाली पार्टी भाजमो की लोकसभा चुनाव में हुई है.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.