
झारखंड में दो चरण में विधानसभा चुनाव, 13 और 20 नवंबर को वोटिंग, 23 को काउंटिंग
राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.
बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार आने पर गोगो दीदी योजना के तहत 2100 रुपये महीना देने का वादा किया है. अब हेमंत सरकार ने बीजेपी को चुनौती देते हुए मंईयां सम्मान योजना की राशि 2500 रुपये कर दी है.

जिन सीटों पर सहमति बनी है उनमें सिल्ली, रामगढ़, मनोहरपुर, पाकुड़, लोहरदगा, गोमिया, मांडू, ईचागढ़, जुगसलाई और डुमरी शामिल है.

2019 में सीटिंग सीएम रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव हारे थे. 2014 में सीटिंग सीएम हेमंत सोरेन दुमका विधानसभा सीट से चुनाव हारे थे. शिबू सोरेन 2008 में सीटिंग सीएम रहते हुए तमाड़ विधानसभा उपचुनाव हार गये थे.

रांची : विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने 40 डीएसपी का तबादला किया है. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. आयोग ने तीन साल या उससे अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित या गृह जिला में कार्यरत पदाधिकारियों-कर्मियों का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया था. इसी के तहत यह यह स्थानांतरण ...
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. रोल टू पोल के तहत मतदाता सूची साफ सुथरी हो इसके अलावा राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय मिले.

विधानसभा चुनाव में यशवंत की पार्टी की हालत वैसी ही होने की संभावना है जैसी सरयू राय के संरक्षण वाली पार्टी भाजमो की लोकसभा चुनाव में हुई है.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.

2024 में बीजेपी झारखंड में हारे हुए नेताओं को आगे करके विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. सीता सोरेन, गीता कोड़ा, लोबिन हेंब्रम जैसे नेता लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. आदिवासी वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी एक बार फिर इनपर दांव लगाने वाली है. पूर्व सीएम चंपई सोरेन भी इसमें शामिल हैं, जो लोकसभा चुनाव में अपने विधानसभा सीट सरायकेला से झामुमो को वोट नहीं दिलवा पाये थे.

चंपई सोरेन का सरायकेला, गीता कोड़ा का जगन्नाथपुर, लोबिन हेंब्रम का बोरियो और सीता सोरेन का जामा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है.

स्टीफन मरांडी ने कहा कि एक अच्छे अफसर के रूप में दो बार मैं उन्हें महेशपुर ले गया, लेकिन अब कभी आगे से ऐसी गलती नहीं करूंगा.

राज्य की सभी 5 आदिवासी सुरक्षित लोकसभा सीटें हारने के बाद पार्टी के आदिवासी नेता अपनी तय विधानसभा सीटों से भागते नजर आ रहे हैं.