ग्राम सभा कमजोर, माफिया मजबूत? पेसा पर मरांडी ने उठाए तीखे सवाल
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
झारखंड सरकार ने राज्य में पेसा कानून की नियमावली को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है. पंचायती राज विभाग ने 2 जनवरी 2026 को पेसा नियमावली 2025 से संबंधित अधिसूचना जारी की, जिसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन से जुड़े कई अहम अधिकार मिल गए हैं.

पेसा से जुड़े कैबिनेट प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून की वास्तविक जानकारी जनता से छुपाई जा रही है.
कैबिनेट से पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब आदिवासी संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. केंद्रीय सरना समिति ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नियमावली आदिवासी समाज और ग्राम सभा को मजबूत करने वाली होनी चाहिए.
झारखंड सरकार ने राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पेसा (पंचायत उपबंध–अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियमावली को मंजूरी दे दी गई.
जमशेदपुर में अवैध बालू खनन पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि बालू से होने वाली काली कमाई रोकने के डर से सरकार पेसा नियमावली लागू नहीं कर रही है और माफिया–प्रशासन गठजोड़ राज्य को लूट रहा है.

रांची : झारखंड में अब उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 किलोमीटर के बजाए सिर्फ 1600 मीटर होगी. महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए दौड़ 1600 किलोमीटर की होगी. पुरुष अभ्यर्थियों को यह दूरी 6 मिनट में तय करनी होगी, जबकि महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी. झारखंड स...