उत्पाद, होमगार्ड सिपाही अभ्यर्थियों को अब 10 किमी के बजाए दौड़ना होगा सिर्फ 1600 मीटर, भर्ती नियमावली ने संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
रांची : झारखंड में अब उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 किलोमीटर के बजाए सिर्फ 1600 मीटर होगी. महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए दौड़ 1600 किलोमीटर की होगी. पुरुष अभ्यर्थियों को यह दूरी 6 मिनट में तय करनी होगी, जबकि महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी. झारखंड स...


रांची
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झारखंड में अब उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 किलोमीटर के बजाए सिर्फ 1600 मीटर होगी. महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए दौड़ 1600 किलोमीटर की होगी. पुरुष अभ्यर्थियों को यह दूरी 6 मिनट में तय करनी होगी, जबकि महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी. झारखंड सरकार ने उत्पाद सिपाही भर्ती नियमावली में संशोधन कर दिया है. बुधवार को झारखंड कैबिनेट ने संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कैबिनेट में
“
झारखंड राज्य के पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के गठन
”
का प्रस्ताव लाया था
.
इस नियमावली के गठन के बाद उत्पाद सिपाही के अलावा आरक्षी, कक्षपाल और होमगार्ड सिपाही के पद पर नियुक्ति में भी यही नियम लागू होगा.
प्रस्तावित संयुक्त नियुक्ति नियमावली में आरक्षी, कक्षपाल, होमगार्ड सिपाही और उत्पाद सिपाही के लिए शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक पास रखी गई है. वहीं सामान्य वर्ग, इडब्ल्यूएस, पिछड़ा और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों की न्यूनतम उंचाई 160 सेमी और सीना 81 सेमी होना चाहिए. अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों की उंचाई 155 सेमी और सीना 79 सेमी होना चाहिए. महिलाओं की न्यूनतम उंचाई 148 सेमी निर्धारित की गई है.
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त महीने में उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया था. झारखंड के कई केंद्रों में
583
उत्पाद सिपाही की नियुक्ति के लिए
22
अगस्त से शारीरिक दक्षता जांच की प्रक्रिया शुरू की गई थी. पुरुष सिपाही के पद पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी को
60
मिनट में
10
किमी की दौड़ पूरी करनी करनी पड़ रही थी. वहीं महिला सिपाहियों के लिए
40
मिनट में पांच किमी की दौड़ निर्धारित थी. नियुक्ति दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थी बेहोश गये थे और उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार ने नियमावली में संशोधन की पहल की.

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