1 सितंबर से महंगाई का बड़ा झटका! LPG, CNG-PNG से दूध और कारों तक सब महंगा
1 सितंबर से आम लोगों की जेब पर महंगाई का असर बढ़ गया है. LPG, CNG-PNG, दूध और कारों की कीमतों में इजाफा हुआ है. इसके अलावा ATF महंगा होने से आने वाले दिनों में हवाई सफर भी महंगा हो सकता है.

सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत की खबर लेकर नहीं आई है. 1 सितंबर 2026 से देश के अलग-अलग हिस्सों में कई जरूरी चीजों और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. कमर्शियल LPG सिलेंडर से लेकर मुंबई में CNG और PNG, तमिलनाडु में दूध और कुछ कंपनियों की कारों तक के दाम बढ़ गए हैं. इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी इजाफा हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में हवाई किराए पर पड़ सकता है. हालांकि, इन बढ़ोतरी का असर पूरे देश में एक जैसा नहीं होगा. कुछ कीमतें सिर्फ चुनिंदा शहरों या राज्यों में बढ़ी हैं. आइए जानते हैं 1 सितंबर से क्या-क्या महंगा हुआ है और इसका आपकी जेब पर कितना असर पड़ सकता है.
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
1 सितंबर से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है. सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं. दिल्ली में इसकी कीमत में 9.50 रुपये की वृद्धि हुई है. इसके बाद राजधानी में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,747.50 रुपये हो गई है. वहीं मुंबई में इसकी कीमत 2,701 रुपये और चेन्नई में 2,916.50 रुपये पहुंच गई है. कमर्शियल LPG का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है. ऐसे में इसकी लागत बढ़ने का असर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है. इसके अलावा 5 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है.
मुंबई में CNG और PNG के बढ़े दाम
मुंबई के लोगों के लिए भी 1 सितंबर से गैस महंगी हो गई है. महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG और PNG दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी की है. कंपनी ने CNG के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम और PNG के दाम में 1 रुपये प्रति SCM की वृद्धि की है. इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई में CNG की कीमत 88 रुपये प्रति किलो हो गई है. वहीं PNG का नया रेट 53 रुपये प्रति SCM है. CNG की कीमत बढ़ने का सीधा असर कार, टैक्सी और ऑटो जैसे CNG वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ सकता है. नियमित रूप से वाहन चलाने वालों का मासिक ईंधन खर्च बढ़ सकता है. दूसरी ओर, PNG का इस्तेमाल घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है. ऐसे में PNG की कीमत बढ़ने से मुंबई के कई परिवारों के घरेलू बजट पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.
मुंबई और तमिलनाडु में दूध हुआ महंगा
दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी का असर कुछ क्षेत्रों में देखने को मिला है. मुंबई में बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने थोक दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की है. इसके बाद थोक दूध की कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है. दूध की थोक कीमत बढ़ने का असर आगे चलकर डेयरी उत्पादों और खुदरा बाजार की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है. दूसरी ओर, तमिलनाडु में आविन दूध से जुड़ी कीमत में बदलाव किया गया है. राज्य सरकार ने दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 44 रुपये कर दिया है, जो पहले 41 रुपये प्रति लीटर था. दूध रोजमर्रा की जरूरत की चीज है, इसलिए इसकी कीमत में बदलाव का असर सीधे घरेलू खर्च पर पड़ सकता है. खासकर ऐसे परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है, जहां दूध की खपत ज्यादा है.
Tata और Hyundai की कारें भी हुईं महंगी
अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सितंबर की शुरुआत आपके लिए महंगी साबित हो सकती है. 1 सितंबर से Tata Motors और Hyundai Motor India ने अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की है. Tata Motors ने अपने सभी मॉडल और वेरिएंट की कीमतों में 25,000 रुपये तक का इजाफा किया है. यानी कंपनी की अलग-अलग कारों की कीमत में मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. वहीं Hyundai Motor India ने अपनी कारों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब है कि अब उन्हें पहले के मुकाबले अधिक रकम खर्च करनी होगी. कार की एक्स-शोरूम कीमत बढ़ने के साथ ऑन-रोड कीमत और फाइनेंस की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में नई कार खरीदने वालों के लिए बजट दोबारा तय करना जरूरी हो सकता है.
ATF की कीमत बढ़ी, हवाई सफर हो सकता है महंगा
1 सितंबर से विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है. घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले जेट फ्यूल की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. इसके बाद ATF की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है. विमानन कंपनियों के लिए ईंधन एक बड़ा खर्च होता है, इसलिए ATF की कीमत बढ़ने का असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टिकट की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी. एयरलाइंस मांग, रूट, सीट उपलब्धता और अन्य लागतों को देखते हुए किराए में बदलाव करती हैं. फिर भी लंबे समय में ईंधन लागत बढ़ने से हवाई किराए पर दबाव बढ़ सकता है. यात्रियों को आने वाले दिनों में कुछ रूट्स पर टिकट की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

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