UGC के नए नियमों पर बढ़ी सियासी गर्मी, निशिकांत दुबे बोले—सवर्णों को डरने की जरूरत नहीं
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
झारखंड पुलिस ने सोशल मीडिया पर वर्दी, हथियार और सरकारी संसाधनों के साथ रील बनाने पर सख्त रोक लगा दी है. DGP कार्यालय के निर्देश के अनुसार अब निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर भी वर्दी में फनी, डांस या आत्मप्रचार वाले वीडियो पोस्ट करने पर विभागीय कार्रवाई होगी.
राजधानी रांची में एक के बाद एक सामने आ रही गंभीर आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है. हाल के दिनों में हुई वारदातों से यह सवाल उठने लगा है कि क्या अपराधियों में कानून और पुलिस-प्रशासन का डर खत्म हो चुका है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की पुरानी तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल मचा दी. उन्होंने लिखा कि RSS और BJP के जमीनी कार्यकर्ता नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकते हैं, और इसे संगठन की ताकत का उदाहरण बताया.
कैबिनेट से पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब आदिवासी संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. केंद्रीय सरना समिति ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नियमावली आदिवासी समाज और ग्राम सभा को मजबूत करने वाली होनी चाहिए.
चाईबासा में इलाज के दौरान 4 महीने के बच्चे की मौत के बाद पिता ने शव थैली में रखकर घर ले जाना पड़ा. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री को सफाई दी और स्पष्ट किया कि बच्चा 4 महीने का था, जबकि कुछ राजनेता और मीडिया ने मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश किया.
हजारीबाग के बरही में एक 11 साल के बच्चे पर हुई बर्बर मारपीट ने पूरे झारखंड में गुस्सा भड़का दिया. घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला स्थानीय मोहल्ले से निकलकर सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया और फिर पूरा प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया.
यह आदेश मुख्यतः वाहनों की संख्या कम करने और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है. नियम का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है.