
बाबूलाल धनवार से, मीरा मुंडा पोटका, सीता सोरेन जामताड़ा से लड़ेंगी चुनाव, बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची
झारखंड में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 66 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है.

झारखंड में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 66 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है.

झारखंड की 81 में से 70 विधानसभा सीटों पर झामुमो और कांग्रेस चुनाव लड़ेगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस बार झामुमो अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकता है, जबकि कांग्रेस की कुछ सीटें घट सकती है. इस बार झामुमो 45 और कांग्रेस 25 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

आजसू 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, जेडीयू दो और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक सीट पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा शेष 68 सीटों पर बीजेपी चुनाव लड़ेगी.

एप्प के जरिये मतदाता पोलिंग बूथों में भीड़ की जानकारी ले सकेंगे. 85 वर्ष से उपर के मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर घर से मतदान करने की सुविधा ले सकते हैं. चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं.
रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री को स्थानांतरित करते हुए राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) का सीईओ बनाया गया है. उनकी जगह पर JIIDCO के एमडी वरुण रंजन को रांची का डीसी बनाया गया है.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.
बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार आने पर गोगो दीदी योजना के तहत 2100 रुपये महीना देने का वादा किया है. अब हेमंत सरकार ने बीजेपी को चुनौती देते हुए मंईयां सम्मान योजना की राशि 2500 रुपये कर दी है.

2019 में सीटिंग सीएम रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव हारे थे. 2014 में सीटिंग सीएम हेमंत सोरेन दुमका विधानसभा सीट से चुनाव हारे थे. शिबू सोरेन 2008 में सीटिंग सीएम रहते हुए तमाड़ विधानसभा उपचुनाव हार गये थे.

रांची : विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने 40 डीएसपी का तबादला किया है. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. आयोग ने तीन साल या उससे अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित या गृह जिला में कार्यरत पदाधिकारियों-कर्मियों का स्थानांतरण करने का निर्देश दिया था. इसी के तहत यह यह स्थानांतरण ...
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. रोल टू पोल के तहत मतदाता सूची साफ सुथरी हो इसके अलावा राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित समय मिले.

येचुरी ने सीपीएम का नेतृत्व ऐसे वक्त में किया जब इसका भारतीय राजनीति में वर्चस्व कम हुआ था. वे उन नेताओं में थे जिन्होंने भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन का उभार और उसकी ढलान दोनों देखी.

मीर ने कहा कि वे लगातार सीएम हेमंत सोरेन समेत अन्य झामुमो नेताओं से संपर्क में हैं. कांग्रेस का टारगेट अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव जीतना लक्ष्य है.