JSSC-CGL और JPSC केस में कोचिंग संचालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
“झारखंड में JSSC-CGL और JPSC प्रतियोगिता परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.”

Ranchi: झारखंड में JSSC-CGL और JPSC प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को बड़ी सफलता मिली है. CID ने दोनों अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. JSSC-CGL मामले में दिलीप कुमार पासवान और JPSC परीक्षा से जुड़े मामले में संजीत कुमार की गिरफ्तारी हुई है. जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों मामलों में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.
JSSC-CGL मामले में दिलीप कुमार पासवान गिरफ्तार
JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित CID थाना कांड संख्या 01/2025 में अप्राथमिकी अभियुक्त दिलीप कुमार पासवान को गिरफ्तार किया गया है. करीब 41 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्द्धमान जिले के रहने वाले हैं. उनका स्थायी पता बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के नवकाडीह गांव का बताया गया है. CID के अनुसार, आरोपी ने JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया था. जांच में परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और अभ्यर्थियों को लाभ दिलाने से जुड़ी भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. CID अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
JPSC मामले में कोचिंग संचालक संजीत कुमार पर कार्रवाई
JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित CID थाना कांड संख्या 16/2026 में आरोपी संजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है. 38 वर्षीय संजीत कुमार रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं. CID के मुताबिक, संजीत कुमार रांची स्थित शिवांगन कोचिंग संस्थान के संचालक हैं और एजेंट के रूप में भी काम कर रहे थे. जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले में कोचिंग संस्थान की भूमिका, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा में कथित अनुचित लाभ पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. CID दोनों मामलों में परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. अधिकारियों के अनुसार, जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं.



