
JAC Paper Leak : विधानसभा के अंदर और बाहर विपक्ष का हंगामा, सीबीआई जांच की मांग
विपक्ष का जोरदार आरोप: परीक्षा प्रश्न पत्र लीक की लगातार घटनाओं को उजागर करते हुए, सरकार की नीतिगत कमियों पर कड़ा सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच और सुधारात्मक कदमों की मांग।

विपक्ष का जोरदार आरोप: परीक्षा प्रश्न पत्र लीक की लगातार घटनाओं को उजागर करते हुए, सरकार की नीतिगत कमियों पर कड़ा सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच और सुधारात्मक कदमों की मांग।

JAC पेपर लीक मामला: SIT का गठन, CID को मिल सकती है जांच की जिम्मेदारी, कोडरमा से जुड़े हैं पेपर लीक के तार, कई गिरफ्तारियां, डिजिटल डिवाइस जब्त

रांची : नगर विकास विभाग में विभिन्न पदों पर 289 पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को मंगलवार को अपॉइंटमेंट लेटर सौंपा. जिन 289 पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं उनमें गार्डेन अधीक्षक के 9, भेटनरी ऑफिसर के 8,सेनेटरी एण्ड फूड इंस्पेक्टर के 12,सेनेट...

Ranchi: वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में बजट पूर्व संगोष्ठी का आयोजन हुआ. संगोष्ठी में कृषि , सिंचाई , वन पर्यावरण , ग्रामीण विकास , आजीविका मिशन , नगर विकास , पर्यटन , उद्योग , खा न एवं भूतत्व , श्रम एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक्सपर्ट लोगों ने अपने-अपने सुझा...

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के समर्थक इन दिनों काफी नाराज है. कारण है कि इरफान अंसारी को ग्रामीण विकास विभाग नहीं मिलना. रविवार को जामताड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री के साथ संवाद में कार्यकर्ताओं की बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गया.

हेमंत कैबिनेट में 11 मंत्रियों को उनका विभाग दे दिया गया है. इरफान अंसारी को हेल्थ मिनिस्टर तो रामदास सोरेन को शिक्षा मंत्री बनाया गया है. वहीं, शिल्पी नेहा तिर्की कृषि मंत्री बनी है. जबकि दीपिका पांडेय सिंह को ग्रामीण विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है.

जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता कमेटी की अध्यक्षता करेंगे . वहीं आयोग की संयुक्त सचिव मधुमिता कुमारी और उप - सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार लाल को कमेटी का सदस्य बनाया गया है . एक हफ्ते में यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी.

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने भी 16 सितंबर को एक्स पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी टैग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की थी.

राहुल कुमार पूर्व रजिस्ट्रार कौशलेंद्र कुमार के साले हैं. विभाग में उन्होंने अपनी पकड़ बना रखी है. नीचे से उपर तक सेटिंग है.

2020 में PIL दायर कर पूर्व मंत्री लुईस मरांडी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, अमर कुमार बाउरी और नीलकंठ सिंह मुंडा के खिलाफ आय से अधिक सम्पति होने का आरोप लगाते हुए ACB से जांच की मांग की थी.

ऐसा लग रहा कि हेमंत सोरेन औरंगजेब जैसा व्यवहार कर रहे हैं. वे विधानसभा चुनाव में करारी हार को देखते हुए पूरी तरह बौखला गए हैं.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.