
संकल्प पत्र के लिए समाज के सभी वर्गों से सुझाव लेगी बीजेपी, व्हाट्सएप नंबर जारी
प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

सुबह 11.30 में रामदास सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. रामदास कोल्हान में चंपई के बाद झामुमो के दूसरे बड़े लीडर हैं

निलंबित मुखिया का आरोप है कि सरना स्थल के सौंदर्यीकरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद को बुलाया गया था. इससे विधायक और पूर्व विधायक नाराज थे. उन्होंने सरकार और प्रशासन पर दबाव डालकर कार्रवाई करवाई है.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

चंपई सोरेन ने आज रात दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. उनके साथ असम के मुख्यमंत्री और झारखंड बीजेपी के विधानसभा सह प्रभारी हेमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद थे.

हिमंता बिस्वा सरमा बिना जानकारी के झारखंड में कानून सिखाने आ गये हैं. उन्हें बताना चाहिए कि किसान आंदोलन क्या पाकिस्तान में हो रहा था. ये वहीं हिमंता हैं जिनकी पार्टी ने किसान आंदोलनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगा दी थी.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

मुख्यमंत्री जी , जांच के आदेश दे दीजिये नहीं तो भविष्य में जब ऐसे प्रचंड भ्रष्टाचार के मामलों की जांच हमारी सरकार द्वारा होगी तो इसकी आंच बहुत आगे तक जाएगी.

डीजीपी से आग्रह है इतना भी तेल न लगाएं. लिमिट में रहें. जिन 55 नेताओं पर एफआईआर किया गया है उनमें से विधायक रणधीर सिंह और कोचे मुंडा तो रैली में थे ही नहीं. वहीं 12000 अज्ञात लोगों पर एफआईआर कर सरकार ने भविष्य में ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोला है.

मैंने इस साल लाल किले से बिना पॉलिटिकल बैकग्राउंड वाले 1 लाख लोगों को पॉलिटिकल सिस्टम से जुड़ने की बात कही थी. इससे पता चला कि हमारे युवा राजनीति में आना चाहते हैं , लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है.

मुलाकात के दौरान जनहित से जुड़े मुद्दों, राज्य में चल रही विकास योजनाओं और राज्य के वर्तमान राजनीतिक हालत पर चर्चा हुई.

करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में संघर्ष होता रहा. पुलिस बार-बार वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़कर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाती और थोड़ी देर बाद कार्यकर्ता फिर पहुंच जाते.