
बाबूलाल धनवार से, मीरा मुंडा पोटका, सीता सोरेन जामताड़ा से लड़ेंगी चुनाव, बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची
झारखंड में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 66 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है.

झारखंड में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 66 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है.

सीएम हेमंत सोरेन झारखंड के सभी 81 विधानसभा सीट से बीजेपी को डिब्बाबंद करने का ऐलान किया. वहीं, सब कुछ तय सीमा के अंदर होने की बात कही. सीएम हेमंत सोरेन बीजेपी के विधायक केदार हाजरा और आजसू नेता उमाकांत रजक के जेएमएम में शामिल होने के दौरान कही.

आजसू 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, जेडीयू दो और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक सीट पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा शेष 68 सीटों पर बीजेपी चुनाव लड़ेगी.

एप्प के जरिये मतदाता पोलिंग बूथों में भीड़ की जानकारी ले सकेंगे. 85 वर्ष से उपर के मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर घर से मतदान करने की सुविधा ले सकते हैं. चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.

मंत्री ने कहा बीजेपी में शामिल होने का दवाब बनाया जा रहा था. जब बीजेपी को इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन्हें और उनके परिजनों को बेवजह परेशान किया जा रहा है.

लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि वे चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन लोहरदगा से नहीं बल्कि गुमला विधानसभा सीट से.

रतन टाटा के निधन पर सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड में एक दिवसीय राज्यकीय शोक की घोषणा की है.

जिन 7 अधिकारियों का पदस्थापन किया गया है उनमें से 6 पोस्टिंग के लिए प्रतीक्षारत थे.

दीदी गोगो योजना को लेकर झारखंड में बीजेपी की ओर से फार्म भरवाने को लेकर पक्ष-विपक्ष में तकरार शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसपर संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है. वहीं बीजेपी मुख्यमंत्री को नसीहत दे रही है कि वे उनकी पार्टी के कार्यक्रमों में हस्तक्षेप न करें.

2019 में सीटिंग सीएम रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव हारे थे. 2014 में सीटिंग सीएम हेमंत सोरेन दुमका विधानसभा सीट से चुनाव हारे थे. शिबू सोरेन 2008 में सीटिंग सीएम रहते हुए तमाड़ विधानसभा उपचुनाव हार गये थे.

आरोप है कि सिंडिकेट के साथ मिलकर विनय चौबे की मदद से झारखंड में आबकारी नीति में फेरबदल कर शराब निर्माता कंपनियों करोड़ों रुपये का कमीशन लिया . देशी शराब में डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर और विदशी शराब बिक्री का काम अपने करीबी एजेंसियों को दिलाकर अवैध तरीके से करोड़ों का कमीशन खाया .