UGC के नए नियमों पर बढ़ी सियासी गर्मी, निशिकांत दुबे बोले—सवर्णों को डरने की जरूरत नहीं
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित गोंदुलपारा खनन परियोजना को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनसुनवाई के दौरान भारी बवाल देखने को मिला. जनसुनवाई शुरू होने से पहले ही अज्ञात लोगों ने पंडाल में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की.
खादगढ़ा बस स्टैंड में परिवहन विभाग ने स्लीपर बसों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही बसों को जांच के दायरे में लिया गया है. अब यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा—यह साफ संदेश विभाग ने दे दिया है.

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जी राम जी अधिनियम 2025 मांग आधारित नहीं, बल्कि गांवों की आवश्यकता आधारित योजनाओं पर केंद्रित है. यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मजबूत करेगा.
झारखंड में पेसा कानून के तहत बनाई गई नई नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों और नेताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा परिसर में पेसा नियमावली की कॉपी फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
झारखंड सरकार ने राज्य में पेसा कानून की नियमावली को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है. पंचायती राज विभाग ने 2 जनवरी 2026 को पेसा नियमावली 2025 से संबंधित अधिसूचना जारी की, जिसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन से जुड़े कई अहम अधिकार मिल गए हैं.
झारखंड सरकार ने राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पेसा (पंचायत उपबंध–अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियमावली को मंजूरी दे दी गई.
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी दावों को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता दिख रहा है. बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली में सेवा नियमों, संवैधानिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारी का पालन नहीं हो रहा है.
झारखंड के साहिबगंज, चतरा और पलामू जिलों में खनन पट्टा आवंटन में गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं. यहां डीसी ने अपने अधिकार क्षेत्र से अधिक 4.74 हेक्टेयर भूमि पर पट्टा स्वीकृत कर दिया, जिसे ई-नीलामी के लिए जाना चाहिए था.