UGC के नए नियमों पर बढ़ी सियासी गर्मी, निशिकांत दुबे बोले—सवर्णों को डरने की जरूरत नहीं
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
UGC के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा—पीएम मोदी के रहते सवर्ण छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा.
झारखंड CM हेमंत सोरेन ने Historic England के साथ बैठक की, राज्य की आदिवासी और प्रागैतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान देने का किया प्रयास.
सोमा मुंडा हत्याकांड को लेकर बुलाए गए झारखंड बंद के दौरान रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आदिवासी नेत्री निशा भगत का हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. हाथ में हसिया, तीखे बयान और समर्थकों की गाली-गलौज ने आंदोलन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए.
खूंटी के पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. SIT ने जमीन विवाद को हत्या की वजह बताते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शूटर अब भी फरार हैं. पुलिस का दावा है कि यह हत्या सुनियोजित साजिश का नतीजा थी और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.
पलामू जिले के हुसैनाबाद में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सात साल से IAS अधिकारी बताकर लोगों को डराता-धमकाता था. जमीन विवाद के मामले में थाने पहुंचने पर उसकी बातचीत से शक हुआ और जांच में उसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.

पेसा से जुड़े कैबिनेट प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून की वास्तविक जानकारी जनता से छुपाई जा रही है.
कैबिनेट से पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब आदिवासी संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. केंद्रीय सरना समिति ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नियमावली आदिवासी समाज और ग्राम सभा को मजबूत करने वाली होनी चाहिए.