
चतरा में इलाज के नाम पर मौत! झोलाछाप डॉक्टर ने ली युवक की जान
झारखंड के चतरा में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन देने से 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

झारखंड के चतरा में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन देने से 40 वर्षीय युवक की मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

पलामू जिले में मेदिनीनगर के रिहायशी मकान में एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से झुलसे. जांच में खुलासा हुआ कि मकान में अवैध गैस भंडारण और कालाबाजारी की जा रही थी. एजेंसी मालिक अजय कुमार साहू के खिलाफ FIR दर्ज की गई और 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.
रांची के खरसीदाग इलाके में चलती यात्री बस में अचानक आग लग गई. इंजन से धुआं निकलते ही चालक ने बस रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया. कुछ ही देर में बस पूरी तरह जलकर राख हो गई. घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.
झारखंड में पेसा कानून के तहत बनाई गई नई नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों और नेताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा परिसर में पेसा नियमावली की कॉपी फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया.

झारखंड में लागू PESA नियमावली को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
झारखंड में PESA नियमावली 2025 को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध तेज हो गया है. राजभवन को सौंपे गए ज्ञापन पर निशा उरांव ने कहा कि नई नियमावली ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती है, जो PESA कानून 1996 की भावना के खिलाफ है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कोई साधारण कानून नहीं, बल्कि आदिवासी स्वशासन और ग्रामसभा की संवैधानिक ताकत है.
पेसा नियमावली को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर आदिवासियों के अधिकार कमजोर करने और पेसा कानून की मूल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.
पेसा कानून को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है. बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी अधिकारों से खिलवाड़ और ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
झारखंड सरकार ने राज्य में पेसा कानून की नियमावली को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है. पंचायती राज विभाग ने 2 जनवरी 2026 को पेसा नियमावली 2025 से संबंधित अधिसूचना जारी की, जिसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन से जुड़े कई अहम अधिकार मिल गए हैं.

पेसा से जुड़े कैबिनेट प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून की वास्तविक जानकारी जनता से छुपाई जा रही है.
कैबिनेट से पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब आदिवासी संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. केंद्रीय सरना समिति ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नियमावली आदिवासी समाज और ग्राम सभा को मजबूत करने वाली होनी चाहिए.