
अयोध्या में सियासी संग्राम! राम मंदिर जाने निकले कांग्रेस नेताओं पर पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पर पुलिस की कार्रवाई. अजय राय समेत कई नेताओं को रोका गया, जानिए पूरा घटनाक्रम.

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच अयोध्या जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पर पुलिस की कार्रवाई. अजय राय समेत कई नेताओं को रोका गया, जानिए पूरा घटनाक्रम.
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों और फैसलों की आलोचना की. उन्होंने कृषि, रोजगार, शिक्षा, बैंकिंग और संस्थागत व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की.
केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में मेरठ से भाजपा सांसद अरुण गोविल का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। उनकी संभावित एंट्री को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद और आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। जानिए इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे क्या हैं अटकलें और संभावित रणनीति।
झारखंड में राम मंदिर विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। JMM ने भाजपा और बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि जो नेता हर मुद्दे पर चिट्ठी लिखते हैं, उनकी आवाज इस बार क्यों नहीं उठ रही।
मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद कुरियन ने मंत्री पद छोड़ा, जिससे केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है.
राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाना में एक विस्तृत प्राथमिकी दर्ज कराकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.
क्या झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपने ही जाल में फंस गई? क्या क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाकर कांग्रेस असली सवालों से बचना चाहती है? और सबसे बड़ा सवाल, क्या महागठबंधन के भीतर अब भरोसा बचा है?
क्या झारखंड में महागठबंधन का भरोसा टूट गया है? राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस, राजद और माले के बीच खुली बयानबाजी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह सिर्फ नाराजगी है या फिर किसी नए राजनीतिक खेला की शुरुआत? जानिए बदलते समीकरणों का पूरा विश्लेषण.
झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी नई खींचतान शुरू कर दी है. चुनाव में संख्याबल के लिहाज से कमजोर माने जा रहे एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया
झारखंड में राज्यसभा चुनाव 2026 की मतगणना शुरू हो गई है. रांची विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक मौजूद हैं और नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं. दोनों खेमे अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि दूसरी सीट के परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई है. विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनावी मुकाबले में झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी मैदान में हैं.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान के बीच एनडीए ने एकजुटता का दावा किया है. विधायक सरयू राय ने कहा कि एनडीए के सभी विधायकों ने अपने मत का प्रयोग कर लिया है और गठबंधन समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है.