झारखंड राज्यसभा चुनाव: खत्म हुई वोटिंग, 5 बजे से काउंटिंग; क्या होगा कोई खेला?
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई है. विधानसभा के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनावी मुकाबले में झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी मैदान में हैं.

Ranchi: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई. विधानसभा के सभी 81 सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. अब राजनीतिक दलों की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं, क्योंकि कुछ ही घंटों में यह तय हो जाएगा कि राज्य से उच्च सदन में कौन पहुंचेगा. इस चुनाव में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं और मुकाबला सिर्फ संख्या बल का नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति का भी माना जा रहा है. मतदान के दौरान जहां सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए, वहीं क्रॉस वोटिंग और संभावित राजनीतिक उलटफेर की चर्चाओं ने भी माहौल को गर्म बनाए रखा. ऐसे में शाम तक आने वाले नतीजों पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं.
तीन उम्मीदवार, दो सीटें और दिलचस्प मुकाबला
इस बार राज्यसभा चुनाव में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से झामुमो ने बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा पर भरोसा जताया है. दूसरी तरफ एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी भी चुनावी मैदान में हैं. मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और सभी 81 विधायकों ने वोट डाला. विधानसभा में सबसे पहले भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने मतदान किया, जबकि सबसे आखिर में झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने वोट डाला. मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना और उसके नतीजों पर टिक गई हैं.
संख्या बल के साथ-साथ रणनीति की भी परीक्षा
81 सदस्यीय विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है. इसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के विधायक शामिल हैं. इसी संख्या के आधार पर गठबंधन दोनों सीटें जीतने का दावा कर रहा है. वहीं एनडीए के पास 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के अलावा आजसू, जदयू और लोजपा के सदस्य शामिल हैं. एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी का समर्थन किया है. मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए नथवानी की राह आसान नहीं मानी जा रही, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि क्या मतदान में कोई ऐसा समीकरण बना है, जो नतीजों को रोचक बना सकता है.
चुनाव के दौरान चर्चा में रही रिजॉर्ट पॉलिटिक्स
राज्यसभा चुनाव से पहले और मतदान के दिन तक झारखंड की राजनीति में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की खूब चर्चा हुई. कांग्रेस और एनडीए के कई विधायकों को अलग-अलग होटलों में ठहराया गया था. इसका मकसद विधायकों को एकजुट रखना और किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखना बताया गया. हालांकि झामुमो ने अपने विधायकों को होटल में नहीं रखा. पार्टी नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि उन्हें अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है और किसी तरह की टूट या बिखराव की आशंका नहीं है. इसके बावजूद विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा और राजनीतिक बयानबाजी जारी रही.
काउंटिंग पर टिकी निगाहें, नतीजों से साफ होगी तस्वीर
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का आंकड़ा अहम माना जा रहा है. राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर मतगणना के बाद ही सामने आएगी. यही वजह है कि मतदान खत्म होने के बाद भी राजनीतिक हलचल थमी नहीं है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विधानसभा में संख्या बल ही निर्णायक साबित होगा या फिर वोटिंग के दौरान कोई ऐसा राजनीतिक समीकरण बना है, जो नतीजों को चौंकाने वाला बना दे. अगले कुछ घंटों में यह साफ हो जाएगा कि झारखंड से राज्यसभा की दोनों सीटों पर किसके सिर जीत का ताज सजता है और किसकी रणनीति सबसे कारगर साबित होती है.

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