मोदी सरकार में बड़ा बदलाव: केंद्रीय मंत्री पद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद कुरियन ने मंत्री पद छोड़ा, जिससे केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है.

New Delhi: केंद्र सरकार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला, जब केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। जॉर्ज कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह फैसला सामने आया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले कुरियन लंबे समय से संगठन और सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। उनके इस्तीफे को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि सरकार या पार्टी की ओर से उनके भविष्य की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद लिया फैसला
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था। संसदीय सदस्यता समाप्त होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि संविधान के प्रावधानों के तहत उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा में दोबारा नामांकन नहीं मिलने के कारण उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मिली थी जिम्मेदारी
जॉर्ज कुरियन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। उन्होंने जून 2024 में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। इसके बाद उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई।
भाजपा से चार दशक पुराना जुड़ाव
कुरियन भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े नेताओं में शामिल रहे हैं। पार्टी की स्थापना के समय से ही वे संगठन के साथ सक्रिय रहे और विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाईं। संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक समझ के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का अवसर मिला। भाजपा के भीतर उन्हें एक अनुभवी और समर्पित नेता के रूप में देखा जाता है।
सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में भी निभाई अहम भूमिका
राजनीति के अलावा जॉर्ज कुरियन ने कई संस्थागत और प्रशासनिक पदों पर भी काम किया है। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार में विभिन्न भूमिकाओं में रहते हुए उन्होंने नीतिगत और प्रशासनिक कार्यों में योगदान दिया। केरल से आने वाले कुरियन ने कानून की पढ़ाई की है और सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी और सरकार भविष्य में उन्हें कौन सी नई जिम्मेदारी सौंपती है।

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