झारखंड विधानसभा बजट सत्र का पांचवां दिन: आज पेश होगा 2026-27 का आम बजट
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन अहम माना जा रहा है. मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन अहम माना जा रहा है. मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी.
भारत सरकार ने ‘प्रहार’ नाम से पहली राष्ट्रीय एंटी टेरर पॉलिसी जारी की है, जिसमें बदलते आतंकवादी खतरों—ड्रोन, डार्क वेब, क्रिप्टो फंडिंग और स्लीपर सेल—से निपटने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है.
झारखंड नगर निकाय चुनाव के दौरान कई जिलों में हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आईं. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में सबसे बड़ा बवाल हुआ, जबकि धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में भी तनाव और टकराव देखने को मिला. प्रशासन ने सभी जगह स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है.
UGC ने झारखंड के कथित ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ को फर्जी घोषित किया है. रांची में दिए गए पते पर जांच के दौरान कोई विश्वविद्यालय संचालित नहीं मिला. आयोग ने साफ किया है कि ऐसे संस्थानों की डिग्रियां मान्य नहीं होंगी और छात्रों को दाखिले से पहले मान्यता जरूर जांचनी चाहिए.
रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो समेत कई जिलों में नगर निकाय चुनाव के दौरान हंगामा, झड़प और तनाव देखने को मिला. कई जगह सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. पूरे झारखंड की ग्राउंड रिपोर्ट एक ही खबर में पढ़ें, कहां क्या हुआ और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की.
झारखंड के 48 नगर निकायों में सोमवार सुबह से मतदान जारी है. सुबह 11 बजे तक कुल मिलाकर लगभग 23% वोटिंग दर्ज की गई है. अलग-अलग शहरों और नगर परिषदों में मतदान प्रतिशत अलग रहा.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में वित्तीय मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. वित्त मंत्री ने केंद्र पर कर हिस्सेदारी में कटौती का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने बजट खर्च, किसानों के मुआवजे और सरकारी योजनाओं पर सवाल उठाए.
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग में पानी की किल्लत को लेकर झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को जोरदार हंगामा हुआ। वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने बार-बार सवाल उठाया कि “जब पानी की व्यवस्था नहीं थी तो उद्घाटन क्यों किया गया?
झारखंड में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहों ने कानून-व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. सोशल मीडिया और खासकर व्हाट्सएप पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं के कारण आम लोग बिना पुष्टि किए भीड़ का रूप ले रहे हैं और निर्दोष व्यक्तियों पर हमला कर रहे हैं.
झारखंड की राजनीति में एक दौर ऐसा था जब रघुवर दास का नाम सत्ता की रणनीति और संगठन की पकड़ का प्रतीक माना जाता था. सरकार बनाना, विधायकों को साधना और दिल्ली तक असर बनाए रखना उनकी पहचान रही है.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. आधार कार्ड में त्रुटि सुधार से लेकर पशु चिकित्सा सेवाओं, जेपीएससी की उम्र सीमा और अधूरे पुल निर्माण तक के विषय सदन में गूंजे.
झारखंड विधानसभा के नए सुरक्षा नियमों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. जिससे पत्रकारों ने कवरेज का बहिष्कार कर दिया. पत्रकारों का आरोप है कि हर सत्र में नए नियम बनाकर मीडियाकर्मियों को परेशान किया जाता है. विरोध के बाद प्रबंधन ने नरमी दिखाई, लेकिन नियमों पर विवाद बरकरार है.