नगर निकाय चुनाव में झारखंड सुलगा, रांची के हिंदपीढ़ी में हिंसा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह में भी झड़प... देखिये वीडियो
“झारखंड नगर निकाय चुनाव के दौरान कई जिलों में हिंसा और झड़प की घटनाएं सामने आईं. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में सबसे बड़ा बवाल हुआ, जबकि धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में भी तनाव और टकराव देखने को मिला. प्रशासन ने सभी जगह स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है.”

Ranchi: झारखंड में नगर निकाय चुनाव के दौरान कई जिलों से हिंसा, झड़प और तनाव की खबरें सामने आईं. राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी स्थित वार्ड 23 में चुनाव के दौरान सबसे बड़ा विवाद हुआ. जानकारी के अनुसार इदरीसीया तंजीम परिसर के पास दो अलग-अलग पार्षद प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई. दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले और कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.
घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए और मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया. कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है, हालांकि आधिकारिक रूप से संख्या की पुष्टि नहीं की गई है. इस घटना के बाद पूरे हिंदपीढ़ी इलाके को संवेदनशील घोषित कर दिया गया और देर तक पुलिस गश्ती जारी रही.
इसके अलावा Dhanbad, Bokaro और Giridih जिलों में भी मतदान के दौरान तनाव और हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं. हालांकि प्रशासन ने सभी जगहों पर स्थिति को काबू में लेने का दावा किया है.
चास में विवाद, गिरिडीह में भी टकराव
Bokaro जिले के चास क्षेत्र में मतदान के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हुआ. यहां भी समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की सूचना है. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को शांत कराया और मतदान प्रक्रिया को जारी रखा.
वहीं Giridih जिले के कुछ वार्डों में चुनावी तनाव देखने को मिला. स्थानीय स्तर पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर नियंत्रित कर लिया.
धनबाद में बूथ पर तनाव, समर्थकों में झड़प
Dhanbad में भी मतदान के दौरान कई बूथों पर तनाव देखने को मिला. कुछ जगहों पर मतदान की प्रक्रिया को लेकर प्रत्याशी समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई. सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया. कुछ इलाकों में मतदान कुछ समय के लिए बाधित भी हुआ, जिसे बाद में फिर से शुरू कराया गया.

