झारखंड में ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ फर्जी घोषित, UGC की चेतावनी—कागजों पर चल रहा संस्थान
UGC ने झारखंड के कथित ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ को फर्जी घोषित किया है. रांची में दिए गए पते पर जांच के दौरान कोई विश्वविद्यालय संचालित नहीं मिला. आयोग ने साफ किया है कि ऐसे संस्थानों की डिग्रियां मान्य नहीं होंगी और छात्रों को दाखिले से पहले मान्यता जरूर जांचनी चाहिए.

Ranchi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी University Grants Commission ने देशभर में फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करते हुए झारखंड के कथित ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ को भी उसमें शामिल किया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों द्वारा जारी की जाने वाली डिग्रियां न तो सरकारी या निजी नौकरियों के लिए मान्य हैं और न ही उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए स्वीकार की जाएंगी. यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि संबंधित संस्थान खुद को विश्वविद्यालय बताकर छात्रों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा था, जबकि उसे न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार से कोई वैधानिक मान्यता प्राप्त है. जांच में सामने आया है कि यह संस्थान जमीनी स्तर पर अस्तित्व में ही नहीं है और केवल ऑनलाइन या कागजी दावों तक सीमित है. इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है और आयोग ने सतर्क रहने की सलाह दी है.
जमीनी जांच में नहीं मिला कोई विश्वविद्यालय
UGC की सूची में शामिल ‘दक्ष विश्वविद्यालय’ का पता भास्कर पथ, न्यू पुनदाग, मसीबारी, रांची दिया गया है. स्थानीय स्तर पर जांच करने पर वहां ऐसा कोई शिक्षण संस्थान संचालित होता नहीं मिला. आसपास के लोगों ने भी इस नाम के किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज के अस्तित्व से इनकार किया. हालांकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस नाम से एक वेबसाइट जरूर दिखाई देती है, जिसमें विभिन्न पाठ्यक्रमों और डिग्री कार्यक्रमों की जानकारी दी गई है. लेकिन वेबसाइट पर न तो अधिकृत कार्यालय का स्पष्ट विवरण है और न ही कोई विश्वसनीय संपर्क जानकारी उपलब्ध है. इससे यह संकेत मिलता है कि यह संस्थान केवल कागजों और डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित होने का दावा कर रहा था.
छात्रों को फंसाने का तरीका और जोखिम
फर्जी विश्वविद्यालय अक्सर आकर्षक विज्ञापन, कम शुल्क, त्वरित डिग्री और ऑनलाइन कोर्स जैसे प्रलोभनों के जरिए छात्रों को अपने जाल में फंसाते हैं. कई बार छात्र बिना मान्यता की जांच किए ऐसे संस्थानों में दाखिला ले लेते हैं. बाद में जब डिग्री की वैधता पर सवाल उठता है तो उनका करियर संकट में पड़ जाता है. UGC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों से प्राप्त डिग्रियां किसी भी सरकारी या निजी रोजगार या आगे की पढ़ाई में मान्य नहीं होंगी. इसलिए प्रवेश से पहले किसी भी संस्थान की मान्यता की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करना जरूरी है.
झारखंड में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की स्थिति और सतर्कता जरूरी
झारखंड में वर्तमान में लगभग 30 से अधिक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय संचालित हैं, जिनमें सरकारी, केंद्रीय और निजी संस्थान शामिल हैं. राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय सक्रिय हैं, जो विधिवत मान्यता के साथ संचालित होते हैं. ऐसे में फर्जी संस्थानों का सामने आना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है. इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने से पहले संस्थान की वैधानिक स्थिति की जांच करना अब अनिवार्य हो गया है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके और वे किसी भी तरह के शैक्षणिक धोखाधड़ी का शिकार न हों.

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